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रायपुर में जैविक खेती एवं किसान सम्मेलन कार्यशाला संपन्न, प्राकृतिक खेती को बताया कृषि का भविष्य

किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और किसान नेता देवेंद्र सिंह ठाकुर ने किसानों से रसायन मुक्त खेती अपनाने का किया आह्वान

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

रायपुर_ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा जैविक खेती एवं किसान सम्मेलन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्राकृतिक खेती बन रही जनआंदोलन : बजरंगी प्रसाद यादव

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी बजरंगी प्रसाद यादव ने कहा कि कृषि में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग का असर फसलों के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती आज एक बड़े जनआंदोलन का स्वरूप ले रही है, जो किसानों को रसायन मुक्त खेती की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, उत्पादन लागत घटती है और खाद्यान्न अधिक सुरक्षित एवं पौष्टिक बनता है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है।

मिट्टी की सेहत बचाने की जरूरत : रामविचार नेताम

प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यूरिया और डीएपी के लगातार उपयोग से मिट्टी की उत्पादक क्षमता प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते मिट्टी के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती मिट्टी के लिए संजीवनी का कार्य कर रही है। गोबर, गोमूत्र एवं जैविक संसाधनों से तैयार जीवामृत और अन्य जैविक घोल मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीवों को सक्रिय कर उसकी उर्वरता बढ़ाने में सहायक हैं।

किसानों की समृद्धि का मार्ग है प्राकृतिक खेती : देवेंद्र सिंह ठाकुर

भाजपा किसान मोर्चा रायपुर शहर जिला प्रभारी, किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री एवं जनपद पंचायत देवभोग सभापति देवेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती समय की मांग है। रासायनिक खेती से बढ़ती लागत और भूमि की घटती उर्वरता किसानों के सामने बड़ी चुनौती बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। किसानों को स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने और नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।

किसानों को दी गई तकनीकी जानकारी

कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की नवीन तकनीकों, जैविक संसाधनों के उपयोग, जल संरक्षण, मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन, कीट नियंत्रण तथा कृषि लागत कम करने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, अभिनेष कश्यप, मोनू वर्मा, ओमप्रकाश देवांगन, वैभव वैष्णव सहित किसान मोर्चा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

खेती, पर्यावरण और स्वास्थ्य संरक्षण का दिया संदेश

कार्यशाला में वक्ताओं ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि इससे कृषि उत्पादन के साथ-साथ मिट्टी, जल, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।