गरियाबंद_छत्तीसगढ़ सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राज्य फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रायपुर द्वारा अपराध अनुसंधान को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसी कड़ी में गरियाबंद पुलिस को अत्याधुनिक तकनीक से लैस मोबाइल फॉरेंसिक साइंस वैन उपलब्ध कराई गई है।
दिनांक 25 मई 2026 को नगर पालिका अध्यक्ष , नगर पालिका उपाध्यक्ष , कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
दिनांक 25 मई 2026 को नगर पालिका अध्यक्ष , नगर पालिका उपाध्यक्ष , कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
यह “लैब ऑन व्हील्स” अत्याधुनिक उपकरणों और फॉरेंसिक किट्स से सुसज्जित है, जिसके माध्यम से अब घटनास्थल पर ही त्वरित वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी। इससे साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रह, विश्लेषण और संरक्षण तेजी से किया जा सकेगा।
सुरक्षा एवं प्रारंभिक जांच किट से सुरक्षित रहेगा घटनास्थल
मोबाइल फॉरेंसिक वैन में स्थल सुरक्षा किट उपलब्ध है, जो घटनास्थल को बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखने और साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाने में मदद करेगी। इसके साथ सामान्य जांच किट, निरीक्षण और स्केचिंग उपकरण, भीड़ नियंत्रण प्रणाली तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है।
जैविक साक्ष्यों की जांच के लिए विशेष फॉरेंसिक किट
संवेदनशील मामलों विशेषकर यौन अपराधों में जैविक साक्ष्यों की पहचान और संग्रह के लिए ब्लड, सीमेन एवं डीएनए किट उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा हाई-इंटेंसिटी लाइट सोर्स, रिसर्च स्टीरियो माइक्रोस्कोप तथा जैविक नमूनों को सुरक्षित रखने के लिए मिनी रेफ्रिजरेटर भी वैन में शामिल है।
फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट और टायर मार्क की होगी मौके पर जांच
वैन में एडवांस फिंगरप्रिंट डेवलप और लिफ्ट किट, फुटप्रिंट एवं टायर मार्किंग किट उपलब्ध है। नारकोटिक्स और विस्फोटक मामलों में सटीक माप के लिए आधुनिक वेइंग बैलेंस भी लगाया गया है।
बैलिस्टिक और विस्फोटक जांच में मिलेगी बड़ी मदद
फायरिंग से जुड़े मामलों में प्रवेश और निकास बिंदुओं के विश्लेषण के लिए GPS व बुलेट होल किट दी गई है। वहीं आगजनी और विस्फोटक मामलों की त्वरित जांच के लिए गैस डिटेक्शन आधारित जांच किट भी उपलब्ध कराई गई है।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी होगी आसान
डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा और विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक इमेजर, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स तथा मोबाइल डेटा एक्सट्रैक्शन किट दी गई है, जिससे मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों से सुरक्षित डेटा निकाला जा सकेगा।
ऑन-स्पॉट रिपोर्टिंग और रिकॉर्डिंग की भी सुविधा
उच्च गुणवत्ता वाले फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए DSLR कैमरा, ऑन-स्पॉट रिपोर्टिंग के लिए लैपटॉप एवं थर्मल प्रिंटर, साक्ष्यों की ट्रैकिंग हेतु बारकोड स्कैनर तथा पूरी जांच प्रक्रिया की पारदर्शी रिकॉर्डिंग के लिए बॉडी वॉर्न कैमरा भी वैन में लगाया गया है।
न्याय प्रक्रिया को मिलेगा बल
इस अत्याधुनिक फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच होने से साक्ष्यों को मजबूत तरीके से न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकेगा। डिजिटल ऑन-साइट विश्लेषण और मल्टी-डिसिप्लिनरी सपोर्ट से अपराधियों को सजा दिलाने और निर्दोषों की रक्षा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
“लैब ऑन व्हील्स” की शुरुआत के साथ अब गरियाबंद पुलिस और फॉरेंसिक टीम अपराध जांच को नई तकनीक और तेज कार्रवाई के साथ आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

