गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद/धमतरी_उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में आगजनी के गंभीर मामले का वन विभाग ने खुलासा करते हुए 66 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सूखे पत्तों और गिरी लकड़ियों में माचिस से आग लगाकर करीब 2.499 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी प्रतिकूल असर पड़ा।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 12 मार्च 2026 को सीतानदी अभयारण्य अंतर्गत रिसगांव परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 230 में हुई। जांच में सामने आया कि आरोपी रामरतन (66 वर्ष), निवासी ग्राम मुंडकोट, थाना खल्लारी, तहसील नगरी, जिला धमतरी, महुआ फूल बीनने और वनभूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की तैयारी के उद्देश्य से जंगल में आग लगा रहा था।
परिसर रक्षी मुंडकोट द्वारा की गई सतर्कता और जांच के बाद आरोपी की पहचान की गई। इस मामले में वन विभाग ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 29, 30, 32 और 50 के तहत पीओआर क्रमांक 07/169 दिनांक 18 मार्च 2026 को प्रकरण दर्ज किया।
आरोपी को 19 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर सहायक परिक्षेत्र अधिकारी फरसगांव उपपरिक्षेत्र के माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी धमतरी ने उसे 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश दिए। इसके बाद आरोपी को जिला जेल धमतरी में दाखिल कर दिया गया।
वन विभाग की टीम की सक्रिय भूमिका
इस कार्रवाई में उपनिदेशक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी रिसगांव, वनक्षेत्रपाल मुंडकोट सहित पेट्रोलिंग टीम और फायर वॉचरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगलों में आगजनी जैसी घटनाओं से बचें, क्योंकि इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि वन्यजीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ता है।










