बारिश में सांप-बिच्छू का खतरा, खेत किनारे बनी झोपड़ी में संचालित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र; जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
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| AI जनरेट फोटो |
गरियाबंद_सरकार एक ओर कुपोषण मुक्त भारत का सपना दिखा रही है, वहीं गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरगीगुड़ा के टेकनपारा में आंगनबाड़ी केंद्र की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। यहां पिछले तीन महीनों से आंगनबाड़ी केंद्र खेत के पास बनी एक झोपड़ी में संचालित किया जा रहा है, जहां नौनिहाल बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने और पोषण आहार लेने को मजबूर हैं।
भवन नहीं, झोपड़ी बनी मासूमों का सहारा
आंगनबाड़ी भवन की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण बच्चों को मजबूरी में झोपड़ी में बैठना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में झोपड़ी के आसपास जहरीले सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता है, जिससे अभिभावक हमेशा चिंतित रहते हैं। बावजूद इसके बच्चों के लिए कोई वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था नहीं की गई है।
तीन महीने से झोपड़ी में चल रहा केंद्र
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब तीन माह से आंगनबाड़ी केंद्र खेत के पास बनी झोपड़ी में संचालित हो रहा है। न तो भवन निर्माण की दिशा में कोई ठोस प
हल हुई है और न ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर कदम उठाया गया है।
ग्राम पंचायत और विभाग दोनों पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन बनी हुई है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कहीं हादसे का इंतजार तो नहीं?
जिस स्थान पर छोटे-छोटे बच्चे रोजाना आते हैं, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम तक नहीं हैं। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि कहीं जिम्मेदार किसी बड़े हादसे का इंतजार तो नहीं कर रहे। उन्होंने प्रशासन से जल्द भवन स्वीकृत कर सुरक्षित आंगनबाड़ी भवन उपलब्ध कराने की मांग की है।


