गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद_ इंदागांव पुलिस का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा उस समय सामने आया, जब राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला की मदद के लिए थाना प्रभारी स्वयं देवदूत बनकर पहुंचे। उनकी तत्परता और मानवीय संवेदना के चलते मां और नवजात दोनों की जान सुरक्षित बच गई।
घटना की सूचना मिलते ही इंदागांव थाना प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार विजयवार तत्काल मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय उन्होंने मानवीय पहल करते हुए मां और नवजात को अपने निजी वाहन में बैठाया और सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर पहुंचाया।
अस्पताल में समय पर उपचार मिलने से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। थाना प्रभारी की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह चेहरा न केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक है, बल्कि जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और सहारे का भी प्रतीक है।




