गरियाबंद_ जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी और सही दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को वन विभाग परिसर स्थित ऑक्सन हॉल में करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। सेमिनार में कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया।
सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारण और एनसीईआरटी अध्ययन जरूरी
कलेक्टर बीएस उइके ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए सबसे पहले अपनी रुचि और लक्ष्य को स्पष्ट करना आवश्यक है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एनसीईआरटी पुस्तकों के अध्ययन, समाचार पत्र पढ़ने और समसामयिक घटनाओं की जानकारी रखने पर जोर दिया। साथ ही प्रीलिम्स, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी के विभिन्न चरणों की विस्तार से जानकारी दी।
एआई तकनीक से पढ़ाई होगी और अधिक प्रभावी
जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, अनुशासन और कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग के बारे में बताते हुए कहा कि एआई अध्ययन सामग्री तैयार करने, विषयों को बेहतर समझने और कमजोरियों की पहचान करने में मददगार साबित हो सकता है।
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर
वनमंडलाधिकारी शशिगानंद के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर और डीएसपी गरिमा दादर ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। अधिकारियों ने कहा कि रेस रत्नगर्भा अकादमी ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर मंच साबित होगी।
22 जून से शुरू होंगी नियमित कक्षाएं
कार्यक्रम में रेस रत्नगर्भा अकादमी फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम की कार्यप्रणाली और सुविधाओं की जानकारी दी गई। जिला प्रशासन द्वारा गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग और फिंगेश्वर विकासखंड में अकादमी शुरू की जा रही है। इसकी नियमित कक्षाएं 22 जून 2026 से प्रारंभ होंगी, जहां विद्यार्थियों को एआई आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दिए समाधान
सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई दिशा और प्रेरणा प्रदान की।



