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श्रमिकों के बच्चों ने रचा इतिहास: गरियाबंद के 3 मेधावियों को मिली 6 लाख की प्रोत्साहन राशि

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

गरियाबंद_श्रमिक परिवारों के सपनों को नई उड़ान देते हुए नोनी-बाबू मेधावी प्रोत्साहन सहायता योजना के तहत गरियाबंद जिले के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कक्षा 12वीं की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले इन विद्यार्थियों को कुल 6 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के माध्यम से विद्यार्थियों को डमी चेक प्रदान किए गए। प्रत्येक विद्यार्थी को 1 लाख रुपये मेधावी प्रोत्साहन राशि एवं 1 लाख रुपये स्कूटी क्रय हेतु दिए गए। इस तरह तीनों विद्यार्थियों को कुल 6 लाख रुपये की सहायता मिली।


इस अवसर पर कलेक्टर श्री बी.एस. उइके और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर ने विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि इन विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन सफलता में बाधा नहीं बनते। दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और शिक्षा के प्रति समर्पण से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की सफलता जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी।


श्रम अधिकारी सुश्री जयंती बंसल ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित नोनी-बाबू योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। सम्मानित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान और आर्थिक सहयोग उन्हें आगे की पढ़ाई में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।