गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
देवभोग_ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की देवभोग शाखा में पदस्थ शाखा प्रबंधक अमर सिंह ध्रुव का तबादला मैनपुर शाखा में कर दिया गया है। रायपुर मुख्यालय से 17 जून को जारी आदेश में इसे प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बताया गया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस तबादले को पिछले दो महीनों से लगातार हो रही शिकायतों और विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।
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तबादला आदेश शाम करीब 4 बजे विभागीय व्हाट्सएप समूह में जारी हुआ और महज एक घंटे के भीतर शाखा कर्मचारियों तथा अधीनस्थ समितियों के कर्मियों ने साल-श्रीफल भेंट कर उनकी विदाई कर दी। इतनी त्वरित विदाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पिछले दो माह के दौरान अमर सिंह ध्रुव की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। 10 मई को देवभोग प्रवास पर पहुंची सांसद रूपकुमारी चौधरी को भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा हस्ताक्षरित शिकायत पत्र सौंपा गया था। शिकायत में किसानों को परेशान करने, कर्मचारियों के साथ व्यवहार तथा अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।
शिकायतों के कारण लगातार सुर्खियों में थे मैनेजर
पिछले दो माह के दौरान अमर सिंह ध्रुव की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। 10 मई को देवभोग प्रवास पर पहुंची सांसद रूपकुमारी चौधरी को भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा हस्ताक्षरित शिकायत पत्र सौंपा गया था। शिकायत में किसानों को परेशान करने, कर्मचारियों के साथ व्यवहार तथा अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।
वहीं दीवानमुड़ा समिति के कर्मचारियों ने भी वर्षभर का वेतन भुगतान नहीं होने की शिकायत की थी। भाजपा नेता सुशील निधि सहित कई जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न मंचों पर शाखा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
जांच जारी, तबादले पर उठ रहे सवाल
शाखा प्रबंधक के खिलाफ प्राप्त शिकायतों और अनियमितताओं के आरोपों की जांच अभी भी जारी बताई जा रही है। ऐसे में तबादले के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि जांच प्रक्रिया पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। हालांकि जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी शिवेश मिश्रा ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि अमर सिंह ध्रुव को मैनपुर शाखा का प्रभारी प्रबंधक बनाया गया है, जबकि मैनपुर के प्रबंधक नैनसिंह ठाकुर को देवभोग शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का शिकायत पत्र ही नहीं पहुंचा विभाग तक
मामले का एक और पहलू तब सामने आया जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा द्वारा समाधान शिविर में दिए गए शिकायत आवेदन की स्थिति पर सवाल खड़े हुए। बेसरा ने वर्ष 2024-25 में हुई कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए 15 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन पर कलेक्टर द्वारा सहकारिता विभाग को कार्रवाई हेतु मार्क भी किया गया था और जनपद पोर्टल में उसका रिकॉर्ड भी मौजूद है। लेकिन संबंधित विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की प्रति अब तक उनके पास नहीं पहुंची है। इसे लेकर कांग्रेस ने समाधान शिविर की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
किसानों और कर्मचारियों में नई उम्मीद
शाखा प्रबंधक के तबादले के बाद कई कर्मचारी और शिकायतकर्ता अब लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच की उम्मीद जता रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उनके कार्यकाल में किसानों के हित में काम हुए और उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए था। ऐसे में यह मामला अब केवल तबादले तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शिकायतों, जांच और प्रशासनिक जवाबदेही का विषय बन गया है।




