गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद_ग्रामीण अंचल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर सामने आया है। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति तथा जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत अब कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को राज्य के उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
योजना का उद्देश्य: प्रतिभा को देना नई उड़ान
इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में आगे बढ़ाना तथा बेहतर करियर चयन के लिए प्रेरित करना है। साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण एवं बहुमुखी व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
संस्थाओं को मिलेगा शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों को विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इससे निजी एवं उत्कृष्ट विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
23 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन
इस योजना के तहत इच्छुक संस्थाएं अपने प्रस्ताव “रुचि की अभिव्यक्ति” (EOI) प्रारूप में प्रस्तुत कर सकती हैं। प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 अपरान्ह 5:00 बजे निर्धारित की गई है। आवेदन जिला सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय, कक्ष क्रमांक 56, कलेक्ट्रेट परिसर गरियाबंद में जमा किए जा सकते हैं।
वेबसाइट पर उपलब्ध है विस्तृत जानकारी
योजना से संबंधित मापदंड एवं विस्तृत दिशा-निर्देश विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, जहां से संस्थाएं पूरी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जिससे वे बेहतर शिक्षा के साथ अपने भविष्य को नई दिशा दे सकेंगे।










