गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद_जिले के मैनपुर विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम साहेबिनकछार में गुरुवार को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। कभी नक्सल प्रभावित और संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में अब प्रशासन की सीधी पहुंच ने विकास की नई उम्मीदें जगा दी हैं। शिविर में जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
शिविर में कलेक्टर बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया।
नक्सल मुक्त होने के बाद प्रशासन की सीधी पहुंच
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के अभियान के तहत 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है। इसके बाद पहली बार इस तरह का व्यापक प्रशासनिक अमला साहेबिनकछार जैसे क्षेत्र में पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
विभागीय स्टॉल और योजनाओं का लाभ
शिविर में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी, पंचायत, खाद्य, राजस्व, परिवहन, विद्युत, पुलिस सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष जांच शिविर आयोजित कर ग्रामीणों का उपचार किया गया।
जनप्रतिनिधियों ने रखे विकास के मुद्दे
जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप ने कहा कि अब क्षेत्र नक्सल मुक्त हो चुका है और विकास के नए रास्ते खुल गए हैं। जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने बम्हनीझोला से कोदोमाली तक 21 किमी सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने, विद्युतिकरण और मोबाइल टॉवर चालू करने की मांग रखी। जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने भी क्षेत्रीय विकास पर जोर दिया।
कलेक्टर ने दिए स्वास्थ्य व शिक्षा पर विशेष निर्देश
कलेक्टर बी.एस. उइके ने ग्रामीणों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल और आंगनबाड़ी भेजने की अपील की। उन्होंने कुपोषण की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण लेने की सलाह दी।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित भ्रमण कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा 108 एंबुलेंस सेवा के विस्तार की जानकारी भी दी।
पुलिस ने दी जागरूकता की सीख
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और नशे में वाहन न चलाने की सलाह दी। डीएसपी लितेश सिंह ने साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताते हुए 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। साथ ही 10 अप्रैल को शोभा थाना में लर्निंग लाइसेंस शिविर आयोजित करने की सूचना दी गई।
184 आवेदन प्राप्त, 65 का मौके पर समाधान
शिविर में कुल 184 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 65 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। शेष मामलों के लिए समय-सीमा तय कर संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
हितग्राहियों को सामग्री वितरण
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर और छड़ी वितरित की।
ग्रामीणों में उत्साह, विकास की उम्मीदें बढ़ीं
शिविर में जनपद अध्यक्ष मोहना नेताम, उपाध्यक्ष नंदकुमारी राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। नक्सल मुक्त वातावरण में पहली बार इस तरह के आयोजन ने ग्रामीणों में विश्वास और विकास की नई उम्मीदें पैदा की हैं।










