गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद/छुरा। छत्तीसगढ़ के छुरा क्षेत्र से आयुष्मान भारत योजना के तहत एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। आरोपों के केंद्र में श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल, छुरा है, जहां कथित तौर पर गरीब मरीजों के इलाज के नाम पर फर्जी क्लेम कर करोड़ों रुपये की निकासी किए जाने की बात सामने आ रही है। इस पूरे मामले में भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. अरविंद नाथ तिवारी ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ICU/HDU के नाम पर फर्जी क्लेम का आरोप
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अस्पताल में सामान्य मरीजों को ICU या HDU में भर्ती दिखाकर आयुष्मान योजना के तहत भारी-भरकम क्लेम प्रस्तुत किए गए। जबकि वास्तविक स्थिति में मरीज सामान्य थे, उन्हें कागजों में गंभीर बताकर योजना से अधिक राशि निकालने का आरोप लगाया गया है।
उड़ीसा के गरीब मरीजों के नाम पर खेल
मामले में यह भी सामने आया है कि उड़ीसा से आए गरीब मरीजों के नाम पर इलाज दर्शाकर फर्जी क्लेम किए गए। कई मामलों में बिना समुचित उपचार दिए ही कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि आहरित करने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीण इलाकों में एजेंट सक्रिय
सूत्रों की मानें तो ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में एजेंट सक्रिय हैं। आरोप है कि दलाल गांव-गांव जाकर मरीजों को बहला-फुसलाकर अस्पताल तक लाते हैं, जहां उनके नाम पर फर्जी बीमारी और दस्तावेज तैयार कर योजना का दुरुपयोग किया जाता है।
“यह सिर्फ अनियमितता नहीं, संगठित घोटाला” — डॉ. तिवारी
भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. अरविंद नाथ तिवारी ने कहा कि यह मामला केवल अनियमितता नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित घोटाले की ओर इशारा करता है। उन्होंने निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल
इतने बड़े स्तर पर कथित फर्जी क्लेम पास होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—
संदिग्ध अस्पताल की विस्तृत जांच की जाए
आयुष्मान योजना के सभी क्लेम की विशेष ऑडिट कराई जाए
फर्जी तरीके से निकाली गई राशि की वसूली हो
दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनता में आक्रोश, कार्रवाई का इंतजार
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि गरीबों के इलाज के नाम पर इस तरह का फर्जीवाड़ा बेहद गंभीर है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच पर टिकी हैं।










