गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
जिले में राजस्व कार्यों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर साफ निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों को हर हाल में समय-सीमा के भीतर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा है, इसलिए पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही बेहद जरूरी है।
बैठक से गैरहाजिर रहने पर एसडीएम पर कार्रवाई
बैठक में अनुशासन को लेकर कलेक्टर का सख्त रुख सामने आया। देवभोग के एसडीएम के बैठक में अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई से अधिकारियों में जवाबदेही का संदेश साफ तौर पर देखा गया।
सुशासन तिहार की तैयारियों पर फोकस
कलेक्टर ने 01 मई 2026 से शुरू होने वाले सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-सुनवाई, सेवा वितरण और जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह अभियान शासन की जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम है।
जनगणना 2027 को लेकर सख्ती
जनगणना 2027 के कार्यों को लेकर कलेक्टर ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील प्रक्रिया है, इसलिए सभी जानकारी पूरी सटीकता के साथ दर्ज की जाए।
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
कलेक्टर ने नामांतरण, सीमांकन, खाता विभाजन, त्रुटि सुधार और भू-अर्जन जैसे प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी
अतिक्रमण, अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों पर चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
जन समस्याओं के समाधान में देरी नहीं
मुख्यमंत्री जनदर्शन और कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
फील्ड में उतरें अधिकारी
कलेक्टर ने अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड विजिट करने के निर्देश देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने से ही योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचेगा।
बैठक में अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर सहित जिले के सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।










