गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
देवभोग_ग्राम गिरसूल में सोमवार को शराब के खिलाफ ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरे गांव की फिजा “दारू बंद करो… बंद करो…” के नारों से थर्रा उठी। गांव के सरपंच, पंच-मेंबर, जनप्रतिनिधि और कटवार की अगुवाई में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर पूरे गांव में रैली निकाली और साफ संदेश दिया—अब गांव में अवैध शराब का धंधा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांव की एकता ने दिखाई ताकत
रैली में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और जुबां पर कड़े नारे—“शराब छोड़ो, परिवार जोड़ो”, “दारू बेचने वालों होश में आओ”—जैसे नारों ने माहौल को गरमा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि शराब के कारण गांव में अशांति, पारिवारिक कलह और अपराध बढ़ रहे थे, जिसे अब किसी भी कीमत पर नहीं सहा जाएगा।
पुलिस कीमौजूदगी में सख्त संदेश
रैली के दौरान पुलिस टीम भी मौजूद रही। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की इस पहल की सराहना की और भरोसा दिलाया कि अवैध शराब बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की मौजूदगी ने रैली को और भी प्रभावशाली बना दिया।
शराब बेचने वालों के लिए सीधी चेतावनी
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि अगर किसी ने गांव में चोरी-छिपे शराब बेचने की कोशिश की, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। गांव की एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब गिरसूल में शराब माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है।
एक नई शुरुआत की ओर कदम
ग्राम गिरसूल की यह पहल आसपास के गांवों के लिए भी मिसाल बन सकती है। जिस तरह से पूरे गांव ने एक स्वर में शराब के खिलाफ आवाज बुलंद की, वह सामाजिक बदलाव की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है।
गिरसूल की गूंज अब दूर तक सुनाई दे रही है—“दारू बंद करो… बंद करो…”











