गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज गरियाबंद
गरियाबंद जिले के देवभोग वन परिक्षेत्र मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर राजस्व भूमि में सागौन पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई और चिरान का मामला सामने आया है। लंबे समय से खेत के भीतर चोरी-छिपे सागौन की लकड़ी काटकर चिरान बनाकर बेचे जाने की सूचना या पर वन अमले ने अचानक दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर आरोपियों को सागौन लठ्ठों की ढुलाई करते और चिरान बनाते हुए रंगे हाथ पकड़ा। वन विभाग ने क्षेत्र की लगभग 200 मीटर परिधि में सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां सैकड़ों सागौन पेड़ों के कटे होने के निशान देखकर अधिकारी भी सकते में आ गए।
मौके से 18 नग सागौन लठ्ठा, 2 नग तैयार चिरान और कटाई में प्रयुक्त आरा मशीन जब्त की गई है। वन विभाग ने तीन लोगों को आरोपी बनाकर वन सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच में यह मामला राजस्व भूमि पर बिना अनुमति इमारती लकड़ी की कटाई से जुड़ा पाया गया है। ऐसे में अब राजस्व विभाग भी अलग से जांच और वैधानिक कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। वन अधिकारियों का कहना है कि अवैध कटाई में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भू-स्वामी को नोटिस देंगे
रेंजर अश्वनी कुमार मुर्चुलिया ने बताया कि 0.708 घन मीटर के 18 नग लठ्ठा और 0.024 घन मीटर के 2 नग चिरान समेत आरा जब्त किया गया है। जब्त इमारती लकड़ी की सरकारी कीमत 40526 आंकी गई है। खेतों के आसपास कटे पेड़ों के ठूंठ की गिनती कर भूस्वामी को भी नोटिस जारी कर, काटे गए पेड़ के लिए अनुमति की जानकारी ली जाएगी।
एक हजार पेड़ काट डाले
बलभद्र जिस खेत में अवैध कटाई कर चिरान बनाता था, उसके 200 मीटर की परिधि में सागौन के सैकड़ों ठूंठ नजर आए। एक साल में 150 से ज्यादा सागौन पेड़, तो 5 साल में 1500 इमारती लकड़ी की अवैध कटाई का अनुमान है।










