गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद_शासन की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और सुरक्षाबलों के लगातार दबाव का असर एक बार फिर देखने को मिला है। प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की सीनापाली एरिया कमेटी और एसडीके एरिया कमेटी के कुल 9 हार्डकोर माओवादियों ने गरियाबंद में अपने 6 ऑटोमेटिक हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर कुल 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था।आत्मसमर्पण करने वालों में डिवीजनल कमेटी से लेकर एरिया कमेटी और पार्टी सदस्य स्तर तक के माओवादी शामिल हैं, जिनके पास एके-47, एसएलआर और 303 जैसे घातक हथियार थे।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवाद
अंजू उर्फ कविता – डीजीएन डिवीजन सचिव/एसडीके एसी सचिव, 8 लाख की ईनामी, एके-47 के साथ
बलदेव उर्फ वामनवट्टी – डिवीजनल कमेटी सदस्य/सीनापाली एसी प्रभारी, 8 लाख ईनामी, एके-47 के साथ
डमरू उर्फ महादेव – डिवीजनल कमेटी सदस्य, 8 लाख ईनामी, एके-47 के साथ
सोनी उर्फ बुदरी – सीनापाली एरिया कमेटी सचिव, 8 लाख ईनामी, एसएलआर के साथ
रंजीत उर्फ गोविंद – एरिया कमेटी सदस्य, 5 लाख ईनामी, एसएलआर के साथ
पार्वती उर्फ सुक्की कारम – एरिया कमेटी सदस्य, 5 लाख ईनामी
रतना उर्फ सोमडी कुंजाम – पार्टी सदस्य, 1 लाख ईनामी, 303 हथियार के साथ
नवीता उर्फ डांगी मंडावी – पार्टी सदस्य, 1 लाख ईनामी
सरूपा – एसडीके एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, 1 लाख ईनामी
वर्षों से सक्रिय, दर्जनों अपराध
आत्मसमर्पण करने वाले कई माओवादी वर्ष 2004–2006 से संगठन में सक्रिय थे और गरियाबंद सहित बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर जैसे जिलों में हिंसक घटनाओं में शामिल रहे। इन पर गरियाबंद जिले में 1 से लेकर 29 तक गंभीर अपराध पंजीबद्ध हैं।
पुनर्वास नीति बनी आत्मसमर्पण की वजह
लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों, जंगल–गांवों में समर्पण नीति के पोस्टर-पंपलेट, आत्मसमर्पित साथियों के सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन और शासन द्वारा मिलने वाली आर्थिक, स्वास्थ्य व पुनर्वास सुविधाओं ने इन माओवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वीकार किया कि संगठन की विचारधारा खोखली है और जंगल का जीवन केवल संघर्ष और पीड़ा से भरा है।
सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता
इस आत्मसमर्पण में गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम, एसटीएफ, कोबरा 207 बटालियन, सीआरपीएफ की 65 व 211 बटालियन, तथा 19 बीडी कैफ की अहम भूमिका रही।
आईजी अमरेश मिश्रा ने इसे वर्ष 2025 की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि अब तक 30 नक्सली मारे जा चुके हैं और शेष ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में जिले में कोई सक्रिय नक्सली संगठन शेष नहीं है। उन्होंने बताया कि सीतानदी एरिया कमेटी के विरुद्ध भी लगातार प्रयास जारी हैं।
आत्मसमर्पण के लिए संपर्क
नक्सल सेल, गरियाबंद
📞 94792-27805
यह आत्मसमर्पण न केवल सुरक्षा बलों की रणनीतिक सफलता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि हिंसा नहीं, पुनर्वास और शांति ही स्थायी समाधान है।











