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| AI जनरेट फोटो |
गरियाबंद_ जिले के दूरस्थ एवं किडनी प्रभावित क्षेत्र सुपेबेड़ा में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल पर विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर रणवीर शर्मा के निर्देशानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुपेबेड़ा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श दिया।
शिविर में एम्स रायपुर के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. विनय राठौर के नेतृत्व में किडनी रोग से प्रभावित मरीजों की जांच की गई। मरीजों को किडनी रोग से बचाव, संतुलित आहार, नियमित दवा सेवन और आवश्यक सावधानियों के संबंध में विशेषज्ञ परामर्श दिया गया।
वहीं डॉ. जोसेफ लेपचा एवं डॉ. हर्षा अग्रवाल द्वारा 100 से अधिक स्कूली बच्चों का दंत परीक्षण किया गया। जांच के दौरान डेंटल फ्लोरोसिस से प्रभावित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार, दंत स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के महत्व की जानकारी दी गई।
बीपी-शुगर से लेकर एनीमिया तक की जांच
विशेष स्वास्थ्य शिविर में किडनी रोग के अलावा ब्लड प्रेशर, मधुमेह, एनीमिया और अन्य सामान्य बीमारियों की भी जांच की गई। गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक प्रयोगशाला जांच कर उन्हें पोषण और मातृ स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।
शिविर में ग्रामीणों के लिए रक्त सैंपल जांच, निःशुल्क दवा वितरण, आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदन कार्ड बनाने और वितरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
150 से अधिक ग्रामीणों ने लिया लाभ
शिविर में करीब 150 से अधिक ग्रामीण मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया, जबकि 100 से अधिक स्कूली बच्चों को विशेषज्ञ दंत चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिला। दूरस्थ क्षेत्र में एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी से ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधा मिली, जिसकी ग्रामीणों ने सराहना की और ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. उमाशंकर नवरत्न, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश साहु, डीपीएम श्री गनपत नायक, बीपीएम देवभोग श्री तुजेंद्र दिवान और फार्मासिस्ट श्री भूपेंद्र चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।





