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गड्ढों में तब्दील मुंगझर-सोनामुन्दी सड़क को लेकर सभापति नवनीत कश्यप ने उठाई आवाज, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

20 से 25 गांवों के ग्रामीणों का प्रमुख आवागमन मार्ग, डीएवी स्कूल सहित अन्य विद्यालयों के छात्र भी प्रभावित; जनपद सभापति नवनीत कश्यप की पहल पर कलेक्टर ने ईई को जल्द कार्रवाई के दिए निर्देश


गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

देवभोग_मुंगझर से सोनामुन्दी के बीच प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क इन दिनों बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई हिस्सों में सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि वाहन से चलना तो मुश्किल है ही, पैदल आवागमन में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की बदहाली के कारण दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को लेकर जनपद सभापति नवनीत कश्यप ने आज कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मुंगझर-सोनामुन्दी प्रधानमंत्री सड़क के शीघ्र नवीनीकरण की मांग रखी। उन्होंने कलेक्टर को सड़क की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि यह मार्ग आसपास के बड़ी संख्या में गांवों के ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

20 से 25 गांवों के ग्रामीण रोजाना करते हैं आवागमन

मुंगझर-सोनामुन्दी मार्ग से करीब 20 से 25 गांवों के ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं। ग्रामीण इसी रास्ते से देवभोग सहित अन्य स्थानों तक पहुंचते हैं। सड़क खराब होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को संभलकर चलना पड़ता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

मुंगझर में शिक्षा का केंद्र, स्कूली बच्चों पर भी असर

मुंगझर क्षेत्र शिक्षा का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां डीएवी स्कूल सहित अन्य विद्यालय संचालित हो रहे हैं। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन मुंगझर पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर सड़क का असर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूली समय में इस मार्ग पर आवागमन अधिक रहता है। ऐसे में सड़क की खराब हालत को देखते हुए किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

पांच साल से अधिक पुरानी सड़क, नवीनीकरण की मांग

जनपद सभापति नवनीत कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क को पांच वर्ष से अधिक समय हो चुका है। लगातार उपयोग के कारण सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो गई है। ऐसी स्थिति में सड़क का नवीनीकरण अब बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क के सुधार और नवीनीकरण की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है, ताकि समस्या का जल्द समाधान हो सके।

जनपद सभापति नवनीत कश्यप ने कहा-“सड़क का नवीनीकरण अब बेहद जरूरी”

जनपद सभापति नवनीत कश्यप ने कहा कि मुंगझर-सोनामुन्दी मार्ग केवल एक गांव को जोड़ने वाली सड़क नहीं है, बल्कि 20 से 25 गांवों के लोगों के रोजमर्रा के आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है। सड़क की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इस मार्ग से ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी आवागमन करते हैं, इसलिए सड़क का नवीनीकरण जल्द होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा गया है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही सड़क नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।

कलेक्टर ने ईई को अनुशंसित कर जल्द कार्रवाई के दिए निर्देश

जनपद सभापति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के ईई को सड़क के नवीनीकरण के लिए अनुशंसित किया और आवश्यक कार्रवाई जल्द करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के सकारात्मक आश्वासन के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में मुंगझर-सोनामुन्दी सड़क के जल्द नवीनीकरण की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि विभागीय कार्रवाई के बाद जल्द ही सड़क सुधार का काम शुरू होगा और उन्हें जर्जर सड़क से राहत मिलेगी।

ग्रामीणों को सुरक्षित और सुगम आवागमन का इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क का नवीनीकरण होने से क्षेत्र के 20 से 25 गांवों के लोगों, किसानों, विद्यार्थियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सड़क बेहतर होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। अब ग्रामीणों की नजर कलेक्टर के निर्देश के बाद संबंधित विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई और सड़क नवीनीकरण के कार्य पर टिकी हुई है।

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