एक के बाद एक भाजपा नेताओं को बनाया निशाना, कार्यकर्ताओं और परिचितों को भेजे जा रहे पैसों की मांग वाले संदेश
गरियाबंद_जिले में भाजपा नेताओं के मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। साइबर ठग नेताओं के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर उनके परिचितों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं को व्हाट्सएप पर मैसेज भेज रहे हैं तथा ₹28 हजार की तत्काल मदद के नाम पर ऑनलाइन पैसे मांग रहे हैं।
पहले जिलाध्यक्ष, अब पूर्व संसदीय सचिव बनने वाले थे साइबर ठगों का निशाना
शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर का मोबाइल/व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की जानकारी सामने आई थी। इसके अगले ही दिन भाजपा के पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन सिंह मांझी का मोबाइल भी साइबर ठगों ने हैक कर लिया। लगातार दो वरिष्ठ भाजपा नेताओं के अकाउंट हैक होने से पार्टी संगठन में चिंता का माहौल है।
परिचितों को भेजे जा रहे हैं पैसों की मांग वाले मैसेज
हैकर नेताओं की पहचान का दुरुपयोग करते हुए उनके संपर्क सूची में मौजूद लोगों को व्हाट्सएप संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में ₹28 हजार तत्काल भेजने का अनुरोध किया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी करने की कोशिश की जा रही है।
गोवर्धन सिंह मांझी ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन सिंह मांझी ने बताया कि उनका मोबाइल/व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है। हैकर उनके नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल कर लोगों से ₹28 हजार की मांग कर रहा है। उन्होंने सभी परिचितों, समर्थकों और आम नागरिकों से अपील की है कि उनके नाम से यदि किसी भी प्रकार का पैसों की मांग वाला मैसेज या कॉल आए तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी भी खाते में राशि भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर पुष्टि अवश्य करें।
उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और साइबर ठगों का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है।
साइबर सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार दो वरिष्ठ भाजपा नेताओं के मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की घटनाओं ने साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मैसेज पर बिना पुष्टि किए पैसे ट्रांसफर नहीं करने की अपील की जा रही है।



