उफनते नाले ने रोकी आवाजाही, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार पर पड़ा असर; टेंडर के बाद भी पुल निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी।

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गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज, देवभोग
देवभोग_लगातार हो रही बारिश के चलते बेलाट नाला एक बार फिर उफान पर आ गया है। नाले में जलस्तर बढ़ने से देवभोग मुख्यालय का करीब 36 गांवों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। हर वर्ष बारिश के मौसम में यही हालात बनते हैं, जिससे हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बेलाट नाला पर पानी चढ़ने से सबसे अधिक असर शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार पर पड़ा है। देवभोग मुख्यालय पर निर्भर 36 गांवों के लोग जरूरी कार्यों के लिए भी मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। मरीजों, विद्यार्थियों और व्यापारियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
मौके पर प्रशासन, लोगों को दी जा रही समझाइश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है। अधिकारियों द्वारा लोगों से उफनते नाले को पार नहीं करने और जोखिम से बचने की अपील की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
पुल का इंतजार अब भी खत्म नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से बेलाट नाला पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है। 15 वर्ष भाजपा सरकार, 5 वर्ष कांग्रेस सरकार और अब फिर भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी यह समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्तमान कार्यकाल में पुल निर्माण का टेंडर होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
हर बारिश में वही सवाल-कब मिलेगी स्थायी राहत?
हर मानसून में बेलाट नाला 36 गांवों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी इंतजामों से समस्या का समाधान नहीं होगा। अब वे पुल निर्माण कार्य जल्द शुरू कर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि हर वर्ष संपर्क टूटने की समस्या से हमेशा के लिए राहत मिल सके।
