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गरियाबंद में चार घंटे चला हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन: बाढ़ में फंसे परिवार को बचाया, अब भी 300 गायों पर मंडरा रहा खतरा

सुहागपुर गौठान में उफनते पानी के बीच मौत से जंग, नगर सेना ने तीन मासूमों समेत पांच लोगों को सुरक्षित निकाला

AI जनरेट फोटो 

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

गरियाबंद_जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बुधवार को सुहागपुर गांव से राहत, साहस और मानवता की एक मिसाल सामने आई। गांव के गौठान में चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरे एक परिवार को नगर सेना (होमगार्ड) की रेस्क्यू टीम ने करीब चार घंटे तक चले बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। परिवार में पति-पत्नी के साथ 5 वर्ष, 3 वर्ष और 2 वर्ष के तीन मासूम बच्चे शामिल थे। अंधेरी रात, तेज जलधारा और लगातार हो रही बारिश के बीच यह ऑपरेशन गरियाबंद जिले का पहला सफल देर रात फ्लड रेस्क्यू अभियान बन गया।

शाम 5 बजे मिली सूचना, तुरंत हरकत में आया प्रशासन

जानकारी के अनुसार, परिवार दोपहर से गांव से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित गौठान में फंसा हुआ था। अचानक जलस्तर बढ़ने से चारों ओर पानी भर गया और बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। शाम करीब पांच बजे इसकी सूचना जिला प्रशासन को मिली। हालात की गंभीरता को देखते हुए नगर सेना, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

अंधेरा, तेज बहाव और हर कदम पर मौत का खतरा

गौठान तक पहुंचने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा था। ऐसे में नगर सेना की टीम ने रेस्क्यू बोट के सहारे अभियान शुरू किया। रात का अंधेरा, तेज बहाव और लगातार बारिश अभियान को और भी कठिन बना रहे थे। जवानों ने करीब आधा किलोमीटर तक बोट से सफर तय किया। बीच रास्ते में कई बार बोट भी बंद हुई, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी। दूसरी ओर मौजूद जवान टॉर्च की रोशनी से रास्ता दिखाते रहे और आखिरकार परिवार तक पहुंचने में सफलता मिली।

चार घंटे की मशक्कत के बाद पांचों सुरक्षित बाहर

करीब चार घंटे तक चले हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद नगर सेना की टीम ने पति-पत्नी और तीनों मासूम बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही परिवार सुरक्षित किनारे पहुंचा, मौके पर मौजूद लोगों ने 'जय बजरंगबली' के जयकारे लगाए। घंटों तक मौत के साये में रहने के बाद परिवार के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दे रही थी।

नगर सेना की बहादुरी बनी मिसाल, प्रशासन की तत्परता से बचीं पांच जिंदगियां

पूरे अभियान के दौरान गरियाबंद थाना पुलिस, तहसीलदार और जिला प्रशासन की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही। नगर सेना के प्रभारी जितेंद्र सेन के नेतृत्व में जवानों ने जिस साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया, उसने साबित कर दिया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी प्रशिक्षण और हौसला सबसे बड़ी ताकत होता है। यह अभियान केवल एक परिवार को बचाने का मिशन नहीं था, बल्कि मानवता, कर्तव्यनिष्ठा और टीमवर्क का जीवंत उदाहरण बन गया। गरियाबंद जिले में पहली बार देर रात चलाया गया यह हाई-रिस्क फ्लड रेस्क्यू अभियान पूरी तरह सफल रहा और पांच जिंदगियों को सुरक्षित बचाकर नगर सेना की टीम ने एक नई मिसाल कायम कर दी।

जान जोखिम में डालकर परिवार तक पहुंचे ये बहादुर जवान

बाढ़ के तेज बहाव के बीच रेस्क्यू बोट के साथ अंदर जाकर परिवार तक पहुंचने वाले नगर सेना के जवानों में ललित कंवर, गोपी ठाकुर, राजेश भारद्वाज और भुवनेश्वर वर्मा शामिल रहे। इन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनते पानी के बीच फंसे परिवार को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

इनके नेतृत्व में सफल हुआ पूरा ऑपरेशन

पूरे अभियान का नेतृत्व नगर सेना प्रभारी जितेंद्र सेन ने किया। उनके साथ यशवंत साहू, पन्ना पटेल, धर्मेंद्र यादव, नंदकिशोर साहू, दर्शन ठाकुर और योगेश सहित पूरी नगर सेना टीम ऑपरेशन में सक्रिय रही। सभी जवानों के समन्वय, साहस और त्वरित निर्णय क्षमता के चलते यह कठिन अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो सका।

संकट अभी खत्म नहीं, 300 गायें अब भी पानी में फंसी

हालांकि परिवार को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन सुहागपुर गौठान में करीब 300 गायें अब भी बाढ़ के पानी के बीच फंसी हुई हैं। लगातार बारिश के कारण पूरा गौठान जलमग्न हो चुका है। यदि जलस्तर और बढ़ता है, तो इन मवेशियों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। आवश्यकता पड़ने पर नगर सेना और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गायों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष रेस्क्यू अभियान चलाएगी।

भिलाई में भी बचाईं तीन जिंदगियां

नगर सेना की टीम ने इसी दिन सुहागपुर से पहले भिलाई स्थित एक फार्म हाउस में बाढ़ के पानी में फंसे तीन लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर सेना जिलेभर में राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है।

लगातार अलर्ट पर प्रशासन

सुहागपुर सहित जिले के कई इलाकों में प्रशासन की लगातार निगरानी बनी हुई है। लोगों से अपील की गई है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। नगर सेना की इस साहसिक कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा की घड़ी में प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम किसी भी चुनौती का डटकर सामना करने में सक्षम है।

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