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जान बचाने तालाब में छिपा हिरण, ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की तत्परता बनी जीवनदान

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

मैनपुर। गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह एक मार्मिक घटना सामने आई, जहां आवारा कुत्तों के झुंड से जान बचाने के लिए एक हिरण तालाब में कूद गया। ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से हिरण की जान बच गई। समय रहते किए गए रेस्क्यू ने एक बड़ी अनहोनी टाल दी।

कुत्तों के हमले से बचने तालाब में लगाई छलांग

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे गौरघाट और छुईया के बीच बीट क्रमांक-995 के समीप सामान्य वन मंडल से लगे जंगल में लगभग 3 से 4 वर्ष के एक हिरण पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए हिरण भागते-भागते छुईया स्थित शासकीय आवास कॉलोनी के पीछे बने तालाब में कूद गया। कुत्तों का झुंड काफी देर तक तालाब के किनारे मंडराता रहा, जिससे हिरण बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

सुबह टहलने निकले ग्रामीण बने जीवनरक्षक

सुबह सैर पर निकले ग्रामीणों की नजर तालाब में फंसे हिरण पर पड़ी। उन्होंने तत्काल कुत्तों को वहां से खदेड़ा और बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों की सतर्कता और संवेदनशीलता के कारण वन विभाग समय पर मौके पर पहुंच सका।

वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू

सूचना मिलते ही सामान्य वन मंडल की टीम मौके पर पहुंची। डिप्टी रेंजर अघन राम सोरी के नेतृत्व में वनकर्मियों ने सावधानीपूर्वक हिरण का रेस्क्यू किया। प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण में हिरण पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

थोड़ी देर और होती तो हो सकती थी बड़ी घटना

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि सूचना मिलने में थोड़ी भी देर हो जाती, तो आवारा कुत्तों का झुंड दोबारा हिरण पर हमला कर सकता था। विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के संकट में दिखाई देने पर स्वयं रेस्क्यू करने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

वन्यजीव संरक्षण में जनभागीदारी बनी मिसाल

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। स्थानीय लोगों की जागरूकता, संवेदनशीलता और समय पर दी गई सूचना भी वन्यजीवों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस मामले में ग्रामीणों और वन विभाग की संयुक्त तत्परता से एक बेजुबान वन्यजीव की जान बच गई।

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