गरियाबंद_खरीफ सीजन की शुरुआत के बीच कृषि विभाग ने उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 603 बोरी खाद जप्त की है। फिंगेश्वर और छुरा विकासखंड के 11 उर्वरक विक्रय केन्द्रों में औचक निरीक्षण के दौरान उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है।
यह कार्रवाई कलेक्टर भगवान सिंह उईके और कृषि विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर की गई। विभाग का कहना है कि अवैध परिवहन, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
लेकिन कार्रवाई के बीच बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित है?
ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि मैनपुर, अमलीपदर, गोहरापदर, उरमाल, ध्रुवापारा और देवभोग क्षेत्र में भी खाद की बिक्री को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। किसानों का कहना है कि कई जगहों पर निर्धारित नियमों की अनदेखी कर खाद का वितरण किया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर स्टॉक और बिक्री को लेकर पारदर्शिता नहीं दिख रही है।
किसानों का कहना है कि यदि विभाग वास्तव में कालाबाजारी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाना चाहता है तो इन क्षेत्रों में भी औचक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए। उनका मानना है कि व्यापक जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
अब निगाहें कृषि विभाग पर हैं कि हालिया कार्रवाई के बाद क्या जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा या नहीं।

