गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद_ अमलीपदर थाना क्षेत्र के सरनाबहाल ग्राम से मेडिकल स्टोर में मरीज का इलाज किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी सामने आई है। वीडियो में एक व्यक्ति द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें नजर आ रहे व्यक्ति की चिकित्सकीय योग्यता की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
वीडियो को लेकर किए जा रहे हैं कई दावे
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इनमें संबंधित व्यक्ति के पास फार्मेसी या नर्सिंग से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इंजेक्शन लगाने का दृश्य, निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
वीडियो में इंजेक्शन लगाए जाने का दृश्य सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल दुकानों की निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्धारित नियमों के तहत ही मरीजों को उपचार दिया जा रहा है तो संबंधित दस्तावेज और अनुमति की स्थिति जांच में स्पष्ट हो सकती है। वहीं, यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारी जांच की बात कह रहे
वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। जांच में संबंधित व्यक्ति की योग्यता, दस्तावेज, मेडिकल स्टोर की वैधता और वहां मरीजों को किसी प्रकार की स्वास्थ्य सेवा देने की अनुमति सहित अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आ सकती है।
अमलीपदर में स्वास्थ्य सुविधाओं की भी चर्चा
इसी बीच अमलीपदर क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति भी चर्चा में है। अमलीपदर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिले चार साल से अधिक समय हो चुका है। स्वास्थ्य केंद्र का भवन उपलब्ध होने के बावजूद चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य अमले की उपलब्धता को लेकर कमी की बात सामने आती रही है।
रिक्त पदों से ग्रामीणों को परेशानी
क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने की जानकारी भी सामने आती रही है। बताया जा रहा है कि दो उपस्वास्थ्य केंद्र और 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 40 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों के पद रिक्त हैं। ऐसे में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त स्टाफ और नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत महसूस होती है।
जांच के बाद ही तस्वीर होगी साफ
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर किसी व्यक्ति पर सीधे तौर पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि किस परिस्थिति में हुई, संबंधित व्यक्ति के पास कौन-कौन से दस्तावेज हैं और उपचार करने की वैध अनुमति है या नहीं-इन सभी सवालों का जवाब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

