गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
देवभोग_वन संपदा के अवैध संग्रहण की सूचना पर वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) के अंतर्गत अलग-अलग गांवों में सर्च वारंट के तहत तलाशी कार्रवाई कर सागौन चिरान बरामद किया जा रहा है।
06 सितंबर 2026 को वनमंडलाधिकारी गरियाबंद मयंक पाण्डे के मार्गदर्शन एवं उपवनमंडलाधिकारी देवभोग मनोज चंद्राकार के निर्देश पर माहुलकोट बीट के ग्राम धोबनमाल निवासी मोतीराम/हाफू राम यादव के नाम से जारी सर्च वारंट क्रमांक 10, दिनांक 05 सितंबर 2026 के तहत घर एवं परिसर की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान वन विभाग की टीम ने सागौन चिरान के 14 नग, कुल 0.140 घन मीटर वनोपज बरामद किया। बरामद वनोपज को कब्जे में लेकर विभाग द्वारा विधिवत प्रकरण तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी कैंटपदर और बरकानी में हुई कार्रवाई
इससे पहले 31 अगस्त 2026 को भी वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) के अंतर्गत ग्राम कैंटपदर और बरकानी में सर्च वारंट के तहत कार्रवाई की गई थी। ग्राम कैंटपदर निवासी लालसिंह/परमानंद मांझी के नाम से जारी सर्च वारंट क्रमांक 88, दिनांक 30 अगस्त 2026 के तहत तलाशी में सागौन चिरान के 11 नग, कुल 0.115 घन मीटर वनोपज बरामद हुआ था।वहीं ग्राम बरकानी निवासी जगतराम/गौरागों यादव के नाम से जारी सर्च वारंट क्रमांक 87, दिनांक 30 अगस्त 2026 के तहत घर एवं परिसर की तलाशी ली गई। यहां से सागौन चिरान के 10 नग, कुल 0.142 घन मीटर वनोपज प्राप्त हुआ था। दोनों मामलों में कुल 21 नग सागौन चिरान और 0.257 घन मीटर वनोपज बरामद किया गया था।
इस तरह 6 सितंबर की कार्रवाई को मिलाकर इन तीनों सर्च कार्रवाइयों में अब तक कुल 35 नग सागौन चिरान और 0.397 घन मीटर वनोपज बरामद किया जा चुका है।
वन अमले की रही अहम भूमिका
06 सितंबर की सर्च कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (देवभोग) छबिलाल ध्रुव, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी एवं सर्च वारंट प्रभारी दिनेश चन्द्र पात्र, वनरक्षक लम्बोदर सोरी, पुरुषोत्तम ध्रुवा, कौशल ध्रुव, उमेश ध्रुव एवं खेत्रमोहन साहू, केशरी नायक, वन चौकीदार भोलाराम यदु तथा सुरक्षा श्रमिक लुद्रास, परमेश्वर और अनीराम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वन विभाग द्वारा बरामद वनोपज के संबंध में विधिवत कार्रवाई की जा रही है। विभाग की ओर से वन संपदा के अवैध संग्रहण एवं परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सूचना मिलने पर आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।


