सुबह 4 लोगों को बनाया था शिकार, 2 जिला अस्पताल रेफर और 2 को प्राथमिक उपचार के बाद भेजा गया; शाम ढलते ही फिर कुत्तों का आतंक, 10 वर्षीय बच्ची अस्मिता सोरी और 60 वर्षीय चक्रधर पाण्डे पर हमला
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
गरियाबंद_गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत भेजीपदर में शुक्रवार को आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुबह से शुरू हुआ कुत्तों के हमले का सिलसिला शाम ढलने के बाद एक बार फिर देखने को मिला। दिनभर में लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग में इलाज के लिए लाया गया |
अभी की बड़ी खबर: शाम 7 बजे फिर दो लोगों पर हमला
शाम करीब 7 बजे कुत्तों ने एक बार फिर हमला कर दिया। इस बार 10 वर्षीय उस्मिता सोरी, पिता कुमर सोरी, निवासी सोरीपारा वार्ड नंबर 6 और 60 वर्षीय चक्रधर पाण्डे, निवासी वार्ड नंबर 1 को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया। इनको अभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग लाया गया है ओर प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
शाम के समय हुई इस घटना के बाद गांव में एक बार फिर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। ग्रामीणों में अब यह डर बना हुआ है कि अंधेरा होने के बाद कुत्तों का आतंक और बढ़ सकता है।
सुबह से ही जारी था हमला
सुबह से ही भेजीपदर गांव में कुत्तों ने लगातार हमला करते हुए चार लोगों को घायल कर दिया था। बताया गया कि सुबह करीब 7 बजे से 8 बजे के बीच कुत्ते ने अलग-अलग लोगों पर हमला किया।
सुबह हुई घटना में घायल चार लोगों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अम्लीपदर ले जाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद इनमें से दो घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गरियाबंद रेफर कर दिया।
वहीं, अन्य दो लोगों को मामूली खरोंच आई थी। उन्हें अस्पताल में आवश्यक प्राथमिक उपचार और इंजेक्शन लगाने के बाद वापस भेज दिया गया।
पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना
बताया जा रहा है कि भेजीपदर क्षेत्र में कुत्तों के हमले की घटना पहले भी सामने आ चुकी है। इससे पहले खिरसेंदुर नागेश (40 वर्ष) और सुशीला बाई (35 वर्ष) भी कुत्ते के काटने से घायल हुए थे। दोनों को अम्लीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय गरियाबंद रेफर किया गया था।
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| सुबह 2 लोगों को काटा |
अब एक ही दिन में सुबह चार लोगों के घायल होने और शाम को फिर दो लोगों पर हमला होने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
विभाग की लापरवाही पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद आवारा और आक्रामक कुत्तों से ग्रामीणों को सुरक्षा दिलाने के लिए जिम्मेदार स्थानीय निकाय और पशु चिकित्सा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है।
खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि गांव में घूम रहे आक्रामक कुत्तों को लेकर तत्काल कार्रवाई की जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सुबह से शुरू हुआ कुत्तों के हमले का सिलसिला शाम तक नहीं थमा। सुबह चार लोग घायल हुए, दो को जिला अस्पताल रेफर किया गया और दो को प्राथमिक उपचार के बाद भेजा गया। वहीं शाम 7 बजे फिर 10 वर्षीय बच्ची और 60 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला होने के बाद अब ग्रामीणों में डर और आक्रोश दोनों बढ़ गया है।





