गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) में स्कूल कार्यालय में कथित शराब सेवन के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पहले कारण बताओ नोटिस, फिर विभागीय जांच और अब संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर द्वारा जारी आदेश के बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
छत्तीसगढ़ न्यूज़ में सामने आया था मामला
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया, जब स्थानीय वेब न्यूज़ में दावा किया गया कि विद्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक स्कूल कार्यालय में कथित रूप से शराब का सेवन करते मिले। मौके पर शराब की बोतल, गिलास और चखना होने का भी दावा किया गया। घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया।
पहले नोटिस, फिर जांच और अब निलंबन
घटना सामने आने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मैनपुर ने दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। इसके बाद विभागीय जांच शुरू की गई। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबन का प्रस्ताव संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर को भेजा।
अब संभागीय संयुक्त संचालक ने अलग-अलग आदेश जारी करते हुए दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई
जारी आदेश के अनुसार—
- श्री कमल सिंह दीवान, शिक्षक (एल.बी.)
- श्री मनोज कुमार भारद्वाज, शिक्षक (एल.बी.)
दोनों शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली), विकासखंड मैनपुर, जिला गरियाबंद में पदस्थ थे।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि वेब न्यूज़ में प्रकाशित कथित घटना तथा उससे संबंधित सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया उनका आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के विपरीत प्रतीत हुआ। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में रहेगा यह मुख्यालय
आदेश के अनुसार दोनों शिक्षकों का निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मैनपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता भी होगी।
जांच अभी जारी, अंतिम फैसला बाकी
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन विभागीय कार्रवाई का एक प्रारंभिक चरण है। मामले की विभागीय जांच अभी जारी रहेगी और अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग का कड़ा संदेश माना जा रहा है कि सरकारी विद्यालयों में अनुशासनहीनता और सेवा आचरण के उल्लंघन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने संकेत दिया है कि दोष सिद्ध होने पर आगे भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला
देवझर (अमली) स्कूल का यह मामला अब पूरे गरियाबंद जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र है, ऐसे में शिक्षकों से अनुशासित और आदर्श आचरण की अपेक्षा की जाती है। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच की अंतिम रिपोर्ट और आगे होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।



