गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
देवभोग_शासकीय हाईस्कूल जामगांव में वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत हस्तशिल्प सेवा केंद्र, जगदलपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हस्तशिल्प प्रदर्शन सह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए सीख, कला और रचनात्मकता का अनूठा मंच बना। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कला से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारना और हस्तशिल्प के माध्यम से स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना रहा।
पारंपरिक कला को रोजगार से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में हस्तशिल्प संवर्धन अधिकारी श्री विकास कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हस्तशिल्प देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है। पारंपरिक कलाओं को सीखकर युवा अपनी संस्कृति को संरक्षित करने के साथ भविष्य में इसे रोजगार और स्वरोजगार का माध्यम भी बना सकते हैं। विद्यालय के प्राचार्य श्री सुशील कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ विद्यार्थियों में छिपी रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने के लिए ऐसी कौशल आधारित कार्यशालाएं बेहद जरूरी हैं।
चार विशेषज्ञ प्रशिक्षिकाओं ने सिखाए हस्तशिल्प के गुर
विद्यालय परिसर में आकर्षक कलाशिल्प प्रदर्शनी लगाई गई। जगदलपुर से पहुंचीं चार विशेषज्ञ महिला प्रशिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को विभिन्न हस्तशिल्प विधाओं का जीवंत प्रदर्शन करते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
- प्रभा पैकवार ने धान के पैरे से आकर्षक चित्र एवं सजावटी कलाकृतियां बनाना सिखाया।
- सुनीता चौधरी ने पारंपरिक गोदना कला को वस्त्र एवं आधुनिक कैनवास पर उकेरने की तकनीक बताई।
- पूजा रंगारी ने बांस से उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया।
- प्रीति तुरकान ने सुई-धागे से सुंदर एवं बारीक एम्ब्रॉयडरी करना सिखाया।
हाथों से कलाकृतियां बनाईं, हुनर का किया प्रदर्शन
कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और विभिन्न हस्तशिल्प विधाओं में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान अपने हाथों से कई आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को वस्त्र मंत्रालय की ओर से प्रमाणपत्र, विशेष पुरस्कार एवं पेन प्रदान किए गए। पुरस्कार और प्रमाणपत्र पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
विद्यार्थियों की कलाकृतियों ने खींचा अतिथियों का ध्यान
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प सामग्रियों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इसका अवलोकन परमानंद नागेश, सरपंच एवं अध्यक्ष शाला प्रबंधन एवं विकास समिति,बलराम नागेश, पूर्व सरपंच,निरंजन नागेश, सदस्य, सुबेलाल वर्मा सहित पालकों एवं गणमान्य नागरिकों ने किया। अतिथियों और पालकों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
परंपरा से आत्मनिर्भरता तक का संदेश
प्राचार्य सुशील कुमार अवस्थी ने हस्तशिल्प सेवा केंद्र, जगदलपुर से आए अधिकारियों एवं प्रशिक्षिकाओं की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक कला से परिचित नहीं कराते, बल्कि कौशल को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की प्रेरणा भी देते हैं।जामगांव हाईस्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए परंपरा, हुनर और रोजगार की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर साबित हुआ।



