एनडीपीएस एक्ट के मामले में मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी का असर, विशेष न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद पुलिस को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कानूनी सफलता मिली है। थाना राजिम में वर्ष 2025 में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 2-2 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इस प्रकार कुल 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
यह फैसला माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) श्री शैलेश शर्मा की अदालत ने सुनाया। मामले में राज्य की ओर से लोक अभियोजक श्रीमती स्वाति शर्मा ने प्रभावी पैरवी की। वहीं गरियाबंद पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान जुटाए गए मजबूत वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों और समयबद्ध कार्रवाई ने दोष सिद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में थाना राजिम पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर तीन आरोपियों को अवैध गांजा की बड़ी खेप के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना की गई। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में सशक्त साक्ष्यों के साथ चालान प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।
गरियाबंद पुलिस ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह फैसला नशा तस्करों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।





