ग्राम गिरसुल के होनहार छात्र ने मेहनत, लगन और शिक्षक पिता के मार्गदर्शन से हासिल की बड़ी सफलता, सरस्वती शिशु मंदिर देवभोग का बढ़ाया गौरव
गरियाबंद_गरियाबंद जिले के विकासखंड देवभोग अंतर्गत ग्राम गिरसुल के होनहार छात्र तन्मय कश्यप ने मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना (जवाहर उत्कर्ष योजना)चयन परीक्षा में 76 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल करते हुए शानदार सफलता अर्जित की है। तन्मय की इस उपलब्धि से न केवल उनका गांव गौरवान्वित हुआ है, बल्कि सरस्वती शिशु मंदिर, देवभोग, पूरे गरियाबंद जिले, कश्यप समाज और उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।
तन्मय कश्यप सरस्वती शिशु मंदिर, देवभोग के मेधावी छात्र रहे हैं। उनकी इस शानदार उपलब्धि से विद्यालय परिवार का गौरव भी बढ़ा है। विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र कुमार साहू एवं केवल राम ध्रुव,प्रधानाचार्य मनोज रघुवंशी एवं समस्त आचार्य परिवार ने तन्मय की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने तन्मय के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उसकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विद्यालय का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
तन्मय की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासित अध्ययन और माता-पिता का निरंतर सहयोग रहा। उनके पिता लक्ष्मीनारायण कश्यप शिशु मंदिर देवभोग में निजी शिक्षक के रूप में पदस्थ हैं। उन्होंने अपने पुत्र को शिक्षा के प्रति सदैव प्रेरित किया और समय-समय पर उचित मार्गदर्शन देकर उसके आत्मविश्वास को मजबूत बनाया। वहीं उनकी माता ने भी हर कदम पर प्रोत्साहन और सहयोग देकर सफलता की मजबूत नींव रखी।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर 76 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले तन्मय ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और परिवार, विद्यालय तथा गुरुजनों का मार्गदर्शन साथ हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी इस सफलता ने गांव के अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की नई प्रेरणा दी है।
तन्मय कश्यप की इस उपलब्धि पर परिजनों, शिक्षकों, ग्रामीणों और समाज के लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी का कहना है कि तन्मय ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल अपने परिवार का, बल्कि ग्राम गिरसुल, सरस्वती शिशु मंदिर, देवभोग, कश्यप समाज और पूरे गरियाबंद जिले का नाम भी रोशन किया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन, गुरुजनों का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग मिल जाए तो हर सपना साकार किया जा सकता है।



