रिसगांव परिक्षेत्र के कोर एरिया में साल, बीजा सहित अन्य इमारती वृक्षों को नुकसान पहुंचाकर 4.129 हेक्टेयर वनभूमि पर खेती की तैयारी, सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 
AI जनरेट फोटो
गरियाबंद_उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के रिसगांव परिक्षेत्र में वनभूमि पर अवैध कब्जा करने और इमारती पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कोर एरिया के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 158 में साल, बीजा सहित अन्य प्रजातियों के 132 इमारती पेड़ों की गर्डलिंग (छाल काटकर सुखाने की प्रक्रिया) कर करीब 4.129 हेक्टेयर वनभूमि पर अवैध खेती की तैयारी कर ली थी।
वन विभाग के अनुसार 15 जुलाई 2026 को उपनिदेशक के क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान सीतानदी अभयारण्य के रिसगांव परिक्षेत्र अंतर्गत सहायक वृत्त फरसगांव के गाताबाहरा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। मौके पर जांच करने पर पाया गया कि आरक्षित वनभूमि पर हल चलाकर मक्का बोने की तैयारी की जा रही थी तथा बड़ी संख्या में पेड़ों की गर्डलिंग कर उन्हें सुखाने का प्रयास किया गया था।
पूछताछ में गाताबाहरा गांव के सात ग्रामीणों की संलिप्तता सामने आई। सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।
वन विभाग ने बताया कि आरोपियों को 20 जुलाई 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, नगरी (धमतरी) के समक्ष पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल धमतरी भेज दिया गया।
वन विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण रोकने और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की गई। पूरे अभियान का नेतृत्व वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने किया।

