गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
देवभोग_सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. प्रकाश साहू के समर्थन में समाधान मंच देवभोग ने कलेक्टर गरियाबंद को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच पूरी होने तक उन्हें यथावत पदस्थ रखने की मांग की है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का किया दावा
ज्ञापन में कहा गया है कि डॉ. प्रकाश साहू के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन, मरीजों के उपचार और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनके प्रयासों को सराहनीय बताया गया है।
सोशल मीडिया विवाद के बाद उठा मामला
समाधान मंच ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि हाल ही में सोशल मीडिया और वायरल ऑडियो के आधार पर उत्पन्न विवाद के बाद डॉ. साहू को लेकर विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। मंच का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध अंतिम निर्णय लेने से पहले संबंधित ऑडियो और आरोपों की तकनीकी व निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
जांच पूरी होने तक कार्रवाई न करने की अपील
ज्ञापन में मांग की गई है कि जांच पूरी होने और जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने तक डॉ. प्रकाश साहू को उनके वर्तमान पद पर बनाए रखा जाए। संगठन का कहना है कि जल्दबाजी में की गई कार्रवाई से स्वास्थ्य संस्थान के कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना का उल्लेख
समाधान मंच ने दावा किया है कि विवाद के बाद स्वास्थ्य संस्थान में कार्यरत चिकित्सकों और कर्मचारियों के बीच भय एवं असुरक्षा का माहौल बना है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
अभद्र टिप्पणी करने वालों पर भी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में वायरल ऑडियो की विधिवत जांच कर अभद्र भाषा और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
समाजसेवी कन्हैया मांझी ने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर होनी चाहिए। बिना पूरी जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने जिला प्रशासन से पारदर्शी जांच प्रक्रिया अपनाने की मांग की।
फिरोज खान ने कहा कि वायरल ऑडियो और आरोपों की तकनीकी जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। यदि किसी की गलती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी मान लेना उचित नहीं है।
रणवीर सोनी ने कहा कि केवल एक लेटर पैड या शिकायत के आधार पर किसी अधिकारी को एकतरफा तरीके से पद से हटाना उचित नहीं है। किसी भी निर्णय से पहले मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो तथ्य सामने आएं, उसी के आधार पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि न्याय और पारदर्शिता बनी रहे।
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री विकास उपाध्याय ने कहा कि किसी भी अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना आवश्यक है। केवल शिकायत या आरोप के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय लेना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि न्याय प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास बना रहे और किसी के साथ अन्याय न हो।
निष्पक्ष निर्णय की उम्मीद
समाधान मंच ने कहा है कि जिला प्रशासन जनभावनाओं और न्यायसंगत प्रक्रिया का सम्मान करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लेगा। ज्ञापन पर संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं।



