गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद_देवभोग और आसपास के इलाकों में इन दिनों डीजल की भारी कमी से हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों में डीजल खत्म होने की स्थिति बन गई है, जिससे देर रात तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। ट्रैक्टर, पोकलेन मशीनें और मालवाहक वाहन खेतों और सड़कों पर खड़े-खड़े ईंधन का इंतजार करते दिखाई दिए।
रातभर पंपों में लगी भीड़, लोगों में बढ़ी बेचैनी
डीजल की कमी की खबर फैलते ही क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों में वाहन चालकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोग डिब्बे और गैलन लेकर लाइन में खड़े नजर आए। हालात ऐसे बने कि देर रात तक लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने सीमित मात्रा में ही डीजल देने की व्यवस्था लागू कर दी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ईंधन पहुंच सके। इसके बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
खेती-किसानी पर सबसे ज्यादा असर
खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच डीजल संकट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेत समतलीकरण और जुताई में लगे ट्रैक्टरों के पहिए थमने लगे हैं। कई किसानों ने बताया कि मशीनें घंटों से खेतों में खड़ी हैं लेकिन डीजल नहीं मिलने से काम रुक गया है। ग्रामीण इलाकों में खेती से जुड़े छोटे कामकाज भी प्रभावित होने लगे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आगामी दिनों में कृषि कार्यों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
प्रशासन और पंप संचालक हालात संभालने में जुटे
स्थिति बिगड़ने के बाद कई जगहों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की मदद ली गई। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई प्रभावित होने के कारण यह स्थिति बनी है और जैसे ही नया स्टॉक पहुंचेगा, व्यवस्था सामान्य हो जाएगी। लोगों से अनावश्यक भंडारण नहीं करने और जरूरत के अनुसार ही ईंधन लेने की अपील भी की जा रही है।
आम लोगों की बढ़ी परेशानी
डीजल की कमी का असर सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्री वाहन, माल परिवहन और छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा के कामकाज करने वालों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि अगले कुछ दिनों में पर्याप्त आपूर्ति नहीं हुई, तो क्षेत्र में संकट और गहरा सकता है।











