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देखिए मंजर: 1 घंटे की आंधी-बारिश ने मचाई तबाही, 200 गांव अंधेरे में डूबे

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

देवभोग_दोपहर तक जहां तेज धूप ने लोगों को परेशान कर रखा था, वहीं शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते महज एक घंटे की तेज आंधी और बारिश ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। शाम करीब 4 बजे आसमान में घने बादल छाए और 5 बजते ही तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।

इस प्राकृतिक कहर का सबसे बड़ा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। तेज तूफान के कारण 33 केवी लाइन टूट गई, वहीं 10 से ज्यादा गांवों में 11 केवी बिजली तार क्षतिग्रस्त हो गए। कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर खंभे समेत उखड़कर गिर गए, जिससे लगभग 200 गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।

फलसापारा पंचायत के स्कूल पारा में हालात बेहद खतरनाक हो गए, जब 11 केवी बिजली लाइन अचानक टूटकर एक घर और सड़क पर गिर गई। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

नवागांव के पहरीचौक, नवागुड़ा दबनई, और चिचिया खरकार पारा के पास भी बिजली तार टूटकर गिर गए, जिससे आवागमन और ग्रामीणों की सुरक्षा दोनों प्रभावित हुई।


मटिया के पास खेत में पेड़ गिरने से 11 केवी के तीन तार एक साथ टूट गए, जबकि ध्रुवागुड़ी के आगे खेत में पेड़ की टहनी गिरने से बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई

तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर पड़े, जिससे बिजली विभाग को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक आई इस आंधी ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया और देखते ही देखते चारों ओर तबाही का मंजर बन गया।

राहत और परेशानी साथ-साथ:
जहां एक ओर बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अंधेरे में डूबे गांवों में पेयजल, मोबाइल नेटवर्क और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

बिजली विभाग अलर्ट पर:
घटना के बाद बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुट गई हैं। हालांकि व्यापक नुकसान के चलते बिजली बहाल होने में समय लग सकता है।

ग्रामीणों की मांग:
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त लाइनों व खंभों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि सामान्य जनजीवन फिर से पटरी पर लौट सके।

कुल मिलाकर, यह एक घंटे की आंधी-बारिश देवभोग क्षेत्र के लिए राहत कम और मुसीबत ज्यादा बनकर सामने आई, जिसने सैकड़ों गांवों को अंधेरे में धकेल दिया और लोगों को डर व असुविधा के बीच जीने को मजबूर कर दिया।

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