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PS स्कूल घूमरगुड़ा बंद मिला-सभापति के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप, शिक्षक को स्पष्टीकरण नोटिस जारी

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क, गरियाबंद

देवभोग_जनपद पंचायत देवभोग के सभापति देवेंद्र ठाकुर के औचक निरीक्षण ने प्राथमिक शाला घूमरगुड़ा की शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर उजागर कर दी। गुरुवार को दोपहर 3.55 बजे जब जनसेवक स्कूल पहुंचे, तब स्कूल बिल्कुल बंद था और शिक्षक नदारद। इस गंभीर लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित शिक्षक को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया है।

67 बच्चों की दर्ज संख्या—लेकिन शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई

स्कूल में कुल 67 विद्यार्थी दर्ज हैं, लेकिन कई कक्षाओं में पढ़ाई नहीं मिलने की पुष्टि बच्चों ने खुद की। कई दिनों से कक्षाएं अधूरी, शिक्षक समय पर नहीं आते और पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही थी। निरीक्षण के समय एक शिक्षक समय से पहले स्कूल छोड़कर चले गए थे।

कड़ी लापरवाही पर सीधे नोटिस: बीईओ ने मांगा जवाब

निरीक्षण के आधार पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, देवभोग ने जिस शिक्षक की जिम्मेदारी में स्कूल था, उन्हें कठोर शब्दों में नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि—

20 नवंबर को 3:30 बजे औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय बंद मिला। यह स्थिति शिक्षक की कर्तव्यहीनता, शिक्षा के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता दर्शाती है। शिक्षक का यह व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। शिक्षक को एक दिन के भीतर स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। न्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस की प्रति जिला शिक्षा अधिकारी और संकुल समन्वयक को भी भेजी गई है।

जनसेवक देवेंद्र ठाकुर ने जताई तीखी नाराज़गी

स्कूल बंद देखकर जनसेवक ने स्पष्ट कहा_ “बच्चों के भविष्य को जिस पर सौंपा गया है, वही लापरवाह निकले तो शिक्षा का क्या होगा? ऐसी स्थिति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने पूरी घटना की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गांव के अभिभावकों में नाराज़गी—पहले भी उठ चुकी हैं शिकायतें

स्थानीय लोगों ने बताया कि समय-पालन और पढ़ाई में लापरवाही पहले भी कई बार सामने आई है, लेकिन अब निरीक्षण में सब साबित हो गया। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है।

जनसेवक ने दिए सुधार के निर्देश निरीक्षण के बाद उन्होंने शिक्षा विभाग को सुझाव दिए कि—

बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए,

शिक्षकों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए,

विद्यार्थियों की पढ़ाई की भरपाई के लिए रिमेडियल क्लासेस शुरू हों।

शिक्षा विभाग में खलबली—आने वाले दिनों में कड़ी कार्रवाई की उम्मीद

नोटिस जारी होने के बाद विभाग मामले की जांच में जुट गया है। लापरवाही सिद्ध होने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई तक की संभावना है।