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हीरे के लालच में पहुंचे सलाखों के पीछे-देवभोग पुलिस ने किया बड़ा खुलासा!

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

गरियाबंद पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के मंसूबों पर ब्रेक लगाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना देवभोग पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को 22 नग बहुमूल्य हीरा जैसे खनिज


पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना पर की गई त्वरित कार्रवाई

दिनांक 09 नवम्बर 2025 को देवभोग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम देवभोग के शरदापुर आईटीआई कॉलेज के सामने दो व्यक्ति संदेहास्पद परिस्थिति में चमकीले पत्थर लेकर ग्राहक की प्रतीक्षा कर रहे हैं।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया और पूछताछ शुरू की।

आरोपियों की पहचान

1️⃣ खीर सिंग मांझी पिता स्व. लालू मांझी, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम झूलेनबर, थाना चांदाहांडी, जिला नवरंगपुर (उड़ीसा)

2️⃣ हरी शंकर नेताम पिता स्व. देवी सिंह नेताम, उम्र 27 वर्ष, निवासी पायलीखण्ड जुगाड, जिला गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

दोनों आरोपी हीरा जैसे पत्थरों को ऊँचे दाम पर बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में थे।

बरामदगी की सूची

तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों के कब्जे से —

22 नग चमकीले हीरा जैसे खनिज पदार्थ, कीमत लगभग ₹2,30,000/-

02 मोबाइल फोन,एक मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 04 KB 0696), कीमत ₹35,000/-

कुल बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग ₹4 लाख रुपये आंकी गई है।

वैध दस्तावेज नहीं मिले

आरोपी इन खनिज पत्थरों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे इन्हें अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से ग्राहक खोज रहे थे।

दर्ज अपराध एवं आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों के खिलाफ खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 303(2), 3(5) तथा माइनिंग एक्ट की धारा 21(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। थाना देवभोग पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गरियाबंद पुलिस की सख्त निगरानी

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिलेभर में अवैध गांजा, शराब और हीरा तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार पेट्रोलिंग और सघन जांच अभियान चला रही है। देवभोग थाना पुलिस की यह कार्रवाई इस अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।