गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
बालदिवस पर खास आयोजन
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, देवभोग में बालदिवस के अवसर पर शुक्रवार को आनंद मेले का भव्य आयोजन किया गया। संस्था के प्राचार्य गिरीश चंद्र बेहेरा के मार्गदर्शन में क्लास शिक्षकों ने छात्रों को व्यापार की मूल रूपरेखा समझाते हुए उन्हें स्टॉल लगाने के लिए तैयार किया।
25 स्टॉल, बच्चों की मेहनत — जबरदस्त रिस्पॉन्स
सुबह 9 बजे से स्कूल प्रांगण में कुल 25 स्टॉल लगाए गए, जहां बच्चों ने खुद के हाथों सेचाट, भेल, गुपचुप, साबुदाना बड़ा, रसगुल्ला, आलू चाप सहित कई चटपटे व्यंजन तैयार किए। बच्चों ने न सिर्फ पकवान बनाए, बल्कि उसकी लागत, बिक्री व प्रॉफिट का पूरा हिसाब भी स्वयं रखा।
बीईओ ने चखा स्वाद, किया फोनपे से भुगतान
आनंद मेले का निरीक्षण करने पहुंचे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देवनाथ बघेल अपने दल के साथ पहुंचे। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार व्यंजनों का स्वाद चखा और उसका भुगतान भी फोनपे से किया, जिसे देखकर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए।
बीईओ बघेल ने कहा_“शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे आयोजन छात्रों में स्किल डेवलपमेंट बढ़ाते हैं। अध्यापन के साथ व्यापार का गुण भी जरूरी है।”
3 घंटे में 32 हजार का कारोबार
सुबह 11 बजे तक मेले के सभी 25 स्टॉलों ने मिलकर 32 हजार रुपये का कारोबार कर लिया, जो बच्चों की सीखने की क्षमता और उत्साह को दर्शाता है।
मुख्य अतिथि ने किया शुभारंभ
आयोजन का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी ने किया। उन्होंने बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह की सराहना की।
आनंद मेला बना सीखने का मंच
प्राचार्य गिरीश चंद्र बेहरा ने कहा_“आनंद मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, यह छात्रों में व्यापारिक ज्ञान, नफा-नुकसान की समझ और प्रबंधन कौशल विकसित करने का एक सशक्त प्लेटफॉर्म है।”
सभी प्रतिभागियों को मिलेगा पुरस्कार
बीईओ बघेल ने घोषणा की कि मेले में शामिल सभी बच्चों को उनके उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत किया जाएगा।













