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घुमरगुड़ा पंचायत की अनूठी पहल: ‘हर हाथ को काम’, नए तालाब निर्माण में जुटे 150 श्रमिक

सरपंच रजनी देवेंद्र ठाकुर के प्रयासों से गांव में मिल रहा रोजगार, जल संरक्षण के साथ पलायन रोकने की पहल


गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़ 

गरियाबंद_जिले के देवभोग विकासखंड की ग्राम पंचायत घुमरगुड़ा में रोजगार और विकास को जोड़ने की पहल सामने आई है। पंचायत में नए तालाब का निर्माण कार्य जारी है, जिसमें लगभग 150 मनरेगा श्रमिक काम कर रहे हैं। गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के इस प्रयास को ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती रजनी देवेंद्र ठाकुर, जो भाजपा महिला मोर्चा मंडल देवभोग की उपाध्यक्ष भी हैं, के प्रयासों से पंचायत क्षेत्र में चल रहे तालाब निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को काम मिल रहा है। इससे श्रमिकों को अपने गांव में ही रोजगार का अवसर मिल रहा है और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिल रही है।

नए तालाब से रोजगार के साथ जल संरक्षण को बढ़ावा_

घुमरगुड़ा में निर्माणाधीन तालाब गांव के लिए भविष्य में उपयोगी साबित हो सकता है। तालाब के निर्माण से वर्षा जल के संचयन में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीणों की निस्तार संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी यह उपयोगी हो सकता है। वर्तमान में इस कार्य में लगभग 150 मनरेगा श्रमिकों के जुटे होने की जानकारी है। बड़ी संख्या में श्रमिकों को एक ही निर्माण कार्य में रोजगार मिलने से गांव में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

गांव में रोजगार, पलायन रोकने की पहल_

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कमी के कारण कई परिवारों को काम की तलाश में दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। ऐसे में गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने वाले कार्य ग्रामीण परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन सकते हैं। घुमरगुड़ा पंचायत में तालाब निर्माण के जरिए स्थानीय श्रमिकों को काम उपलब्ध कराने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे मजदूरों को अपने परिवार के साथ रहकर आजीविका अर्जित करने का अवसर मिल रहा है। हालांकि, पलायन पर वास्तविक प्रभाव का आकलन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकता है।

श्रमिक हमारे परिवार का हिस्सा हैं: सरपंच रजनी ठाकुर_

सरपंच श्रीमती रजनी देवेंद्र ठाकुर के अनुसार, पंचायत का प्रयास है कि गांव के किसी भी श्रमिक को रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी न हो। उन्होंने कहा कि पंचायत के विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए और श्रमिकों के सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि घुमरगुड़ा का कोई भी श्रमिक भाई-बहन काम के लिए बाहर न जाए। पंचायत का पैसा पंचायत के लोगों के पसीने पर ही लगे। हम मजदूरों को मजदूर नहीं, अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। उनका सम्मान करना ही हमारा धर्म है।” सरपंच ने कार्यों में पारदर्शिता और मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की बात भी कही।

कार्यस्थल पर श्रमिकों से संवाद_

ग्रामीणों के मुताबिक, सरपंच रजनी ठाकुर निर्माण कार्यस्थल पर पहुंचकर श्रमिकों का हालचाल जानती हैं और कामकाज की स्थिति की जानकारी लेती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ऐसी सक्रियता से श्रमिकों की समस्याओं को सामने रखने और उनका समाधान करने में मदद मिल सकती है।

आदर्श ग्राम पंचायत बनने की दिशा में घुमरगुड़ा_

स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने, तालाब निर्माण के जरिए जल संरक्षण को बढ़ावा देने और श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की पहल से घुमरगुड़ा पंचायत चर्चा में है। यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा होता है और श्रमिकों को नियमित रूप से रोजगार एवं समय पर मजदूरी मिलती है, तो यह पहल अन्य पंचायतों के लिए भी उपयोगी उदाहरण बन सकती है। फिलहाल, घुमरगुड़ा में नए तालाब का निर्माण गांव के विकास, स्थानीय रोजगार और जल संरक्षण को एक साथ जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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