टी-शर्ट, कैप, सीटी और रेडियम जैकेट देकर किया गया प्रोत्साहित; सड़क सुरक्षा के साथ ‘राह-वीर’ और ‘पीएम राहत योजना’ का करेंगे प्रचार-प्रसार
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
गरियाबंद_ जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए गरियाबंद पुलिस ने जनभागीदारी की दिशा में नई पहल शुरू की है। इसके तहत यातायात प्रबंधन में सहयोग करने के इच्छुक जागरूक युवाओं को ‘ट्रैफिक वार्डन’ के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित विशेष प्रशिक्षण एवं किट वितरण कार्यक्रम में युवाओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और दुर्घटना के समय घायलों की मदद करने के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर (भा.पु.से.) की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कर्ण कुमार उके, डीएसपी (यातायात एवं साइबर) सुश्री लितेश सिंह तथा यातायात प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक रामाधार मरकाम उपस्थित रहे।
यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा का दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान डीएसपी सुश्री लितेश सिंह एवं सहायक उपनिरीक्षक रामाधार मरकाम ने युवाओं को यातायात के बुनियादी नियमों, सड़क संकेतों और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। उन्हें अपने-अपने थाना क्षेत्रों में भीड़भाड़ वाले चौराहों और बाजारों में संबंधित थाना प्रभारी के समन्वय से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल 112 को सूचना दें, ताकि घायलों को समय पर सहायता मिल सके।
टी-शर्ट, कैप और रेडियम जैकेट देकर किया प्रोत्साहित
गरियाबंद पुलिस ने सेवा भावना से आगे आए युवाओं को ‘ट्रैफिक वॉलंटियर/ट्रैफिक वार्डन’ के रूप में अधिकृत किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर ने वार्डनों को ड्यूटी के दौरान पहचान और सुरक्षा के उद्देश्य से टी-शर्ट, कैप, सीटी (व्हिसल) तथा रेडियम जैकेट वितरित किए।
पुलिस की इस पहल का उद्देश्य यातायात प्रबंधन में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना और आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
‘राह-वीर’ और ‘पीएम राहत योजना’ की जानकारी भी पहुंचाएंगे
प्रशिक्षण सत्र में ट्रैफिक वार्डनों को सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद से संबंधित ‘राह-वीर योजना’ (गुड सेमेरिटन) और ‘पीएम राहत योजना’ के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें इन योजनाओं के प्रावधानों से आम नागरिकों को अवगत कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि दुर्घटना के समय लोग भय या झिझक के बिना घायलों की मदद के लिए आगे आ सकें।
जनसहयोग से यातायात व्यवस्था मजबूत करने की पहल
गरियाबंद पुलिस ने युवाओं के सेवा भाव की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इस पहल से यातायात प्रबंधन में जनसहयोग बढ़ेगा। साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता मजबूत होगी और दुर्घटना के समय जरूरतमंदों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।



