समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से पहले प्रशासन की तैयारी तेज, कई सीमावर्ती मार्गों पर चेकपोस्ट बनाने के निर्देश: तीन पालियों में होगी कर्मचारियों की ड्यूटी
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
देवभोग_छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान ओडिशा सहित अन्य राज्यों से धान लाकर खरीदी केंद्रों में खपाने की आशंका को देखते हुए देवभोग प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। ओडिशा सीमा से जुड़े विभिन्न मार्गों पर अस्थायी बैरियर और चेकपोस्ट स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित करते हुए दिन-रात निगरानी की व्यवस्था की गई है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), देवभोग द्वारा 23 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ के धान उपार्जन केंद्रों में बिक्री के लिए धान लाए जाने की आशंका के मद्देनजर रोकथाम और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य सीमावर्ती मार्गों से होने वाली अवैध धान की आवक पर नजर रखना और नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
ओडिशा सीमा के कई मार्गों पर बनेगा चेकपोस्ट_
जारी आदेश के अनुसार देवभोग विकासखंड के अंतर्गत ओडिशा से जुड़े कई मार्गों पर अस्थायी बैरियर और चेकपोस्ट स्थापित करने के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें केंटपदर-सिनापाली मार्ग, पुराने धुपकोट की ओर जाने वाला मार्ग, नागलदेही, देवभोग-ओडिशा मार्ग, सागौनभाडी, खोखसरा, झिरिपानी, केंदुवन, कोदोभाठा, सहसखोल-उसरिपानी, बरही और अमाड़ सहित अन्य सीमावर्ती रास्ते शामिल हैं।
इन स्थानों पर कर्मचारियों की तैनाती कर धान के आवागमन पर निगरानी रखी जाएगी। चेकपोस्ट के माध्यम से संदिग्ध परिवहन की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की व्यवस्था की जाएगी।
तीन पालियों में होगी ड्यूटी, 24 घंटे रहेगी नजर_
प्रशासनिक आदेश में कर्मचारियों के लिए तीन पालियों में ड्यूटी निर्धारित की गई है। पहली पाली सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक और तीसरी पाली रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगी।
जांच चौकियों में पटवारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और कोटवार सहित संबंधित कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक दल के लिए प्रभारी भी निर्धारित किए गए हैं, ताकि निगरानी व्यवस्था लगातार संचालित हो सके।
निरीक्षण दल करेंगे सीमावर्ती गांवों का भ्रमण_
आदेश में निरीक्षण दलों को सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों का भ्रमण कर अवैध धान की आवक पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जांच चौकी प्रभारी अपने दल के सदस्यों के कार्यों की समय-समय पर निगरानी करेंगे। इसके साथ ही राजस्व विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
तहसीलदार देवभोग एवं थाना प्रभारी देवभोग को संबंधित कर्मचारियों के संपर्क में रहकर सौंपे गए दायित्वों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को चेकपोस्ट के लिए अस्थायी बैरियर निर्माण कराने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
धान खरीदी में दूसरे राज्यों के धान की आवक रोकना चुनौती_
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान दूसरे राज्यों से धान लाकर स्थानीय उपार्जन केंद्रों में बेचने की आशंका को रोकना प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में सीमावर्ती मार्गों पर निगरानी, परिवहन की जांच और संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही अहम होगी।
देवभोग प्रशासन का यह कदम धान खरीदी अवधि में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, जारी आदेश में अवैध धान की आवक की आशंका के आधार पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। किसी विशेष मार्ग से धान तस्करी प्रमाणित होने की जानकारी आदेश में नहीं दी गई है।




