गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
देवभोग_पंडित श्यामशंकर मिश्र महाविद्यालय देवभोग में विभिन्न मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मोर्चा खोल दिया। पहले कॉलेज प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया गया, लेकिन मांगों पर ठोस पहल नहीं होने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक क्षितिज नारायण तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने घेराव कर दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थी अपनी मांगों पर डटे रहे।
पुलिस की समझाइश के बाद भी मांगों पर अड़े रहे विद्यार्थी
कॉलेज घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन ने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को समझाइश देकर आंदोलन समाप्त करने के लिए मनाने का प्रयास किया। हालांकि, विद्यार्थी अपनी मांगों के निराकरण की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक महाविद्यालय की समस्याओं पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
प्राचार्य के सामने रखीं समस्याएं, बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात
प्रदर्शन के बीच महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीणा ठाकुर पहुंचने के बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और प्राचार्य के बीच मांगों को लेकर बातचीत हुई। काफी जद्दोजहद के बाद कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। हालांकि, बातचीत के दौरान मांगों के निराकरण को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई।
इसके बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता महाविद्यालय परिसर में ही बैठ गए। इससे आंदोलन का रुख और स्पष्ट हो गया। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि लंबे समय से विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पूर्व में ज्ञापन और आंदोलन के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
विद्यार्थी परिषद ने महाविद्यालय में पुस्तकालय के लिए पर्याप्त पुस्तकें, स्वच्छ पेयजल हेतु वाटर कूलर, शौचालयों की मरम्मत और साफ-सफाई, दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग, विद्यार्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतों पर कार्रवाई, NSS इकाई को पुनः शुरू करने, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, परिसर में गुटखा खाकर थूकने पर रोक, कक्षाओं में पर्याप्त टेबल-कुर्सियां तथा खराब पंखों की मरम्मत सहित 10 मांगें रखी हैं।
विद्यार्थी परिषद का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित कराना है। अब सवाल यह है कि ज्ञापन, अल्टीमेटम और घेराव के बाद कॉलेज प्रबंधन इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
उच्च अधिकारी के आने तक परिसर में डटे रहने का ऐलान
ABVP कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों के निराकरण के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया जाता और कोई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं के समाधान को लेकर ठोस पहल नहीं करता, तब तक वे महाविद्यालय परिसर से नहीं उठेंगे। विद्यार्थी परिषद ने दो टूक कहा कि केवल समझाइश या आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कॉलेज परिसर में बैठकर विरोध जता रहे हैं।
फिलहाल, मांगों के निराकरण को लेकर ठोस सहमति नहीं बनने के बाद विद्यार्थी महाविद्यालय परिसर में ही बैठे रहे। कॉलेज प्रबंधन की ओर से आगे की कार्रवाई और मांगों पर आधिकारिक निर्णय की जानकारी सामने आना बाकी है।





