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सरस्वती शिशु मंदिर बुरजाबहाल में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, राधा-कृष्ण की झांकी ने मोहा मन

भैया-बहनों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर निकाली झांकी, खेलकूद प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा


गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़ 

बुरजाबहाल_ सरस्वती शिशु मंदिर बुरजाबहाल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के भैया-बहनों के साथ समिति के पदाधिकारी, पालक माता-बहनें एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के भैया-बहनों ने राधा-कृष्ण का मनमोहक रूप धारण कर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को जीवंत किया। बच्चों द्वारा तैयार की गई राधा-कृष्ण की झांकी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। झांकी के माध्यम से बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप एवं उनकी लीलाओं की सुंदर प्रस्तुति दी।

जन्माष्टमी के अवसर पर भैया-बहनों द्वारा गांव में झांकी के साथ भ्रमण भी किया गया। इस दौरान ग्रामीणों में भी उत्साह देखने को मिला। राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने सभी का मन मोह लिया। भक्तिमय वातावरण में निकली झांकी ने जन्माष्टमी की खुशियों को और भी खास बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न खेलकूद एवं मनोरंजक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इसमें कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, बिस्किट दौड़, बोरा दौड़ एवं मटका फोड़ जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं में भैया-बहनों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खेलों के दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों की खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री दशरथ साहू, सदस्य श्री नेहरूलाल पोर्ते, कोषाध्यक्ष श्री गजेंद्र नागेश, उप सरपंच श्री गणपति नागेश सहित पालक माता-बहनें एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बाबूलाल साहू के द्वारा किया गया। वहीं विद्यालय की आचार्य एवं दीदी श्रीमती नीलेंद्री बघेल, श्रीमती जानकी नेताम, चिंताराम नागेश एवं दिव्या भारती सोरी की भी कार्यक्रम में सक्रिय उपस्थिति रही।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस आयोजन ने विद्यालय परिसर को भक्ति, उत्साह और उमंग से भर दिया। बच्चों की आकर्षक झांकी, राधा-कृष्ण का मनमोहक स्वरूप और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। विद्यालय परिवार ने भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से बच्चों को जोड़ने के उद्देश्य से इस पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया।

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