Top News

ग्रामीण युवाओं की सतर्कता से बची दुर्लभ पैंगोलिन की जान, उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की टीम ने किया सफल रेस्क्यू

समय पर सूचना मिलने से सुरक्षित मिला वन्यजीव, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा

AI जनरेट फोटो 
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद

गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। ग्रामीण युवाओं की सतर्कता और उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की त्वरित कार्रवाई से एक दुर्लभ पैंगोलिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। समय रहते वन विभाग को सूचना मिलने से इस दुर्लभ वन्यजीव की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।

घर के पास दिखाई दिया दुर्लभ पैंगोलिन

जानकारी के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत ग्राम नदीपारा, मैनपुर खुर्द में पुष्पराज पांडे, साधुराम पांडे, गेंदराज पांडे, नोहर पांडे एवं पूरन यादव के घर के समीप एक पैंगोलिन दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय समझदारी दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी।

संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर किया रेस्क्यू

सूचना मिलते ही कुल्हाड़ीघाट एवं तौरेंगा परिक्षेत्र की संयुक्त वन अमला टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ पैंगोलिन का रेस्क्यू किया। प्रारंभिक देखभाल के दौरान उसके भोजन के लिए दीमक और चींटियों की व्यवस्था की गई। वन विभाग ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।

तस्करों के निशाने पर रहता है पैंगोलिन

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैंगोलिन दुनिया के सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले स्तनधारी जीवों में शामिल है। इसकी शल्क (स्केल्स) की अवैध तस्करी के कारण यह प्रजाति गंभीर खतरे का सामना कर रही है। जंगलों में यह चींटियों और दीमकों को खाकर पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ग्रामीणों की जागरूकता की हुई सराहना

उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व प्रबंधन ने ग्रामीणों की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक नागरिक इसी तरह जागरूकता दिखाए तो कई दुर्लभ वन्यजीवों को सुरक्षित बचाया जा सकता है।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने या परेशान करने का प्रयास न करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षित तरीके से रक्षा की जा सके।

Previous Post Next Post