विकास के दावों पर सवाल: पुलिया नहीं, पेड़ के सहारे स्कूल-बाजार पहुंच रहे ग्रामीण
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 
AI जनरेट फोटो
मैनपुर_ विकासखंड मुख्यालय मैनपुर के राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अड़गड़ी के आश्रित ग्राम कोसुममुड़ा के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। गांव के पास स्थित बरसाती नाले पर पुलिया नहीं होने के कारण ग्रामीण उफनते नाले को पार करने के लिए गिरे हुए पेड़ का सहारा ले रहे हैं। बरसात के मौसम में यह रास्ता किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आता है।
15-20 साल पहले बना था रपटा, पहली बारिश में ही बह गया
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 से 20 वर्ष पहले वन विभाग के तौरेंगा परिक्षेत्र द्वारा इस नाले पर एक रपटा बनाया गया था। लेकिन निर्माण के समय ही पहली तेज बारिश में वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद आज तक न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही पुलिया का निर्माण हुआ।
हर दिन जान जोखिम में डालकर आवागमन
बारिश के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। मजबूरी में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी गिरे हुए पेड़ के सहारे नाला पार करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ग्रामीणों ने की पुलिया निर्माण की मांग
कोसुममुड़ा के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और वन विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि इस नाले पर जल्द से जल्द स्थायी पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन न करना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

