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सुशासन तिहार विवाद: तहसीलदार की मंच से माफी भी नहीं शांत कर पाई सरपंचों की नाराजगी...16 पंचायतों के सरपंचों ने किया बहिष्कार, अपमान का लगाया आरोप

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

मैनपुर_गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। मैनपुर सरपंच संघ ने झरगांव में आयोजित कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए अमलीपदर तहसीलदार को हटाने की मांग तेज कर दी है। सरपंच संघ द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 7 मई 2026 को ग्राम पंचायत अमलीपदर-नवापारा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान 16 पंचायतों के सरपंचों का अपमान किया गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि कार्यक्रम में भोजन व्यवस्था सरपंचों द्वारा कराई गई थी, लेकिन भोजन के दौरान अमलीपदर तहसीलदार गेंद लाल साहू ने सरपंचों को भोजन स्थल से हटवा दिया। आरोप है कि “SDM खाना खाने बैठेंगे” कहते हुए सरपंचों को उठाया गया, जिससे जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंची।

सरपंच संघ ने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासी सरपंचों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। इसी घटना से नाराज होकर सरपंच संघ ने झरगांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम का बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।

तहसीलदार ने मंच से मांगी माफी

इसी बीच तहसीलदार गेंद लाल साहू ने भरे मंच से सफाई देते हुए कहा कि पहचान नहीं होने की वजह से यह भूल हुई। उन्होंने मंच से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन सरपंच संघ इस अपमान को भूलने को तैयार नहीं दिख रहा है।

अब पटवारी के खिलाफ भी किसानों ने खोला मोर्चा

इधर मैनपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत धारनीधोड़ा एवं मदांगमुड़ा के किसानों ने भी पटवारी हल्का नंबर 17 में पदस्थ पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों द्वारा सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पटवारी द्वारा समय पर कार्य नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों को भूमि एवं कृषि संबंधी कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन में किसानों ने आरोप लगाया कि पटवारी कार्य स्थल पर समय पर उपस्थित नहीं रहता और किसानों को बार-बार अगले सप्ताह आने की बात कहकर गुमराह करता है। साथ ही किसानों से कार्य के बदले राशि मांगने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी के व्यवहार से किसान परेशान और भयभीत हैं। इसी को लेकर ग्राम पंचायत धरनीडांड एवं मदांगमुड़ा के किसानों ने एकमत होकर संबंधित पटवारी के स्थानांतरण की मांग की है।

क्षेत्र में लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ बढ़ते विरोध और शिकायतों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।