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नवोदय में सफलता का पर्याय बनी ‘सुपर ट्वेंटी कोचिंग’: 22 में से 16 चयन, देवभोग में बना विश्वास का केंद्र,जिले की प्रोविजनल सूची में लिवांश सोनवानी प्रथम, तन्नू भारद्वाज द्वितीय और रूहान नेताम तृतीय स्थान पर

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

देवभोग_जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा में देवभोग ब्लॉक के शानदार प्रदर्शन के पीछे जिस नाम की सबसे अधिक चर्चा है, वह है सुपर ट्वेंटी कोचिंग। इस वर्ष ब्लॉक से चयनित 22 विद्यार्थियों में से 16 छात्रों का इसी संस्थान से चयन होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और कोचिंग की गुणवत्ता का सशक्त प्रमाण भी। सुपर ट्वेंटी कोचिंग ने सीमित संसाधनों के बीच भी विद्यार्थियों को ऐसा मार्गदर्शन दिया है, जो बड़े शहरों की सुविधाओं को भी चुनौती देता नजर आता है। यहां पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हर विद्यार्थी की क्षमता को पहचानकर उसे निखारने पर विशेष जोर दिया जाता है।

साल-दर-साल बढ़ती सफलता, बना नया रिकॉर्ड

सुपर ट्वेंटी कोचिंग की सफलता लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। वर्ष 2023 में जहां 4 विद्यार्थियों का चयन हुआ था, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 10 और 2025 में 14 तक पहुंच गई। अब वर्ष 2026 में 16 विद्यार्थियों का चयन होकर यह आंकड़ा एक नए शिखर पर पहुंच गया है। लगातार बढ़ते इस ग्राफ ने यह साबित कर दिया है कि संस्थान के सतत प्रयास और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन से ब्लॉक के बच्चों का रुझान तेजी से शिक्षा की ओर बढ़ रहा है। 

व्यवस्थित तैयारी और व्यक्तिगत मार्गदर्शन बना सफलता का मंत्र

संस्थान में नियमित टेस्ट, सटीक अध्ययन सामग्री, अनुशासित दिनचर्या और अनुभवी शिक्षकों की टीम विद्यार्थियों को प्रतियोगी माहौल में ढालती है। हर छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है, जिससे कमजोर विषयों पर विशेष सुधार संभव हो पाता है। यही कारण है कि लिवांश सोनवानी, तन्नू भारद्वाज, रूहान नेताम सहित कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने जिले की मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर देवभोग का नाम रोशन किया।

संचालक व शिक्षकों का रहा अहम योगदान

इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे सुपर ट्वेंटी कोचिंग के संचालक बालकिशोर कश्यप की दूरदर्शिता और सतत मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं शिक्षक गौरीशंकर बिहारी और शिक्षक केदार बीसी ने अपने समर्पण, मेहनत और विद्यार्थियों के प्रति व्यक्तिगत ध्यान से इस सफलता को संभव बनाया। शिक्षकों की यह टीम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।

देवभोग बना जिले का अग्रणी ब्लॉक

इस वर्ष सर्वाधिक चयन देवभोग ब्लॉक से होना क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि यहां के विद्यार्थी अब प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं।

प्रेरणा बनती सफलता की कहानी

सुपर ट्वेंटी कोचिंग की यह उपलब्धि अब पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। लगातार मिल रही सफलता से अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है और अधिक से अधिक बच्चे बेहतर भविष्य के लिए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

स्पष्ट है कि देवभोग में शिक्षा के क्षेत्र में यदि कोई नाम तेजी से उभर रहा है, तो वह सुपर ट्वेंटी कोचिंग है-जो आज सफलता की पहचान और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन चुका है।

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