गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद
शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता के गंभीर मामले पर गरियाबंद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए छुरा विकासखंड के चार संकुल समन्वयकों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया हैं।
शैक्षिक ग्रुप में अमर्यादित टिप्पणियों का मामला
एक शैक्षिक सोशल मीडिया समूह में शासन एवं प्रशासन के विरुद्ध अमर्यादित और अनुचित टिप्पणियाँ की गईं। घटना की जानकारी सामने आते ही जिला मिशन समन्वयक श्री शिवेश शुक्ला ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित चारों संकुल समन्वयक एवं ग्रुप एडमिन को जिम्मेदार ठहराते हुए पद से मुक्त कर दिया गया।
कलेक्टर की कड़ी चेतावनी-“अभद्र टिप्पणी पर कठोरतम कार्रवाई”
मामले की रिपोर्ट कलेक्टर श्री बी.एस. उइके के संज्ञान में आते ही उन्होंने सभी शासकीय कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि“शासन और प्रशासन के विरुद्ध सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई निश्चित है।” कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि सभी कर्मचारी समय-सीमा का पालन करते हुए, अनुशासनपूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
शिक्षा तंत्र में साफ संदेश-‘अनुशासन ही प्रथम’
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा तंत्र में स्पष्ट संदेश गया है कि ‘सोशल मीडिया पर अनुचित टिप्पणी सरकारी सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।’
नए समन्वयकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू
कार्यमुक्त किए गए अधिकारियों के स्थान पर अब नए, जिम्मेदार और सक्रिय शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।जिला मिशन समन्वयक श्री शुक्ला ने सभी संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया है किदो दिनों के भीतर योग्य एवं ऊर्जावान शिक्षक/शिक्षिकाओं के प्रस्ताव संकुल समन्वयक पद हेतु प्रस्तुत करें।










