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कमार एवं भूंजिया जनजाति के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से की सौजन्य मुलाकात, वर्षों से लंबित जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की रखी मांग

गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क गरियाबंद 

कलेक्टर ने लिया संज्ञान, SDM को प्रतिनिधि मंडल को राजभवन ले जाने अधिकृत किया

गरियाबंद_कमार एवं भूंजिया जनजाति के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को महामहिम राज्यपाल से सौजन्य मुलाकात कर समुदाय की वर्षों से लंबित समस्याओं, विकास कार्यों में हो रही देरी और प्रशासनिक उदासीनता से संबंधित प्रमुख मुद्दों को विस्तार से रखा। प्रतिनिधियों ने बताया कि वनांचल क्षेत्रों में आज भी शासन की अनेक मूलभूत योजनाएँ जमीनी स्तर तक नहीं पहुँच पा रहीं, जिससे समुदाय का जीवन और विकास निरंतर प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में रखे गए प्रमुख बिंदु—

1. संवैधानिक संरक्षण और विशेष योजनाओं का सही क्रियान्वयन न होना।

2. वर्ष 1982 से संचालित पदयात्रा योजना सहित कई योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक नहीं पहुँचना।

3. आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं का कई ग्रामों में अभाव।

4. विस्थापन, भूमि आवंटन और पुनर्वास संबंधी प्रकरण वर्षों से लंबित।

5. प्रशासनिक लापरवाही व नियम-विरुद्ध कार्यवाही से समस्याओं का और अधिक जटिल होना।

6. दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितिकरण और कलेक्टर दर से वेतन की मांग

प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए आश्रमशाला में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का शीघ्र नियमितिकरण करने तथा नियमितिकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें कलेक्टर दर से वेतन प्रदान करने की मांग रखी। प्रतिनिधियों ने कहा कि इन कर्मचारियों को लंबे समय से बेहद कम वेतन मिल रहा है, जिससे आजीविका चलाना कठिन हो गया है।

कई महीनों से वेतन न मिलने की गंभीर समस्या भी रखी

प्रतिनिधि मंडल ने यह भी बताया कि—“आश्रम छात्रावास के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट में हैं। इसलिए इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप कर वेतन शीघ्र जारी कराने की जरूरत है।” राज्यपाल ने इस विषय पर जल्दी कार्रवाई करने का विशेष आश्वासन दिया।

राज्यपाल ने सभी बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई का दिया भरोसा

राज्यपाल महोदय ने प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने विशेष रूप से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन, नियमितिकरण और जनजातीय विकास से संबंधित बिंदुओं पर प्राथमिकता से विवेचना करने की बात कही।

कलेक्टर ने लिया संज्ञान — SDM को प्रतिनिधि मंडल को राजभवन ले जाने अधिकृत

जनजातीय समुदाय की इन गंभीर समस्याओं पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तुलसीराम मरकाम को प्रतिनिधि मंडल को रायपुर स्थित राजभवन ले जाकर राज्यपाल से मुलाकात कराने के निर्देश दिए।निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 13 नवंबर को दोपहर 1 बजे प्रतिनिधि मंडल को राजभवन पहुँचाया गया।

प्रतिनिधि मंडल ने कहा—“हम वर्षों से सिर्फ वही सुविधाएँ मांग रहे हैं, जो शासन ने पहले ही स्वीकृत की हैं। हमें विकास, अधिकार और सम्मानजनक जीवन चाहिए—बस इतना ही।”