गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डिस्क गरियाबंद
गरियाबंद_समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू होने के पांच दिन बाद भी गरियाबंद जिले के कई केंद्रों में खरीदी शुरू नहीं हो सकी है। जिले के 90 खरीदी केंद्रों में से 25 से अधिक केंद्र ठप पड़े हैं। टोकन कटने के बावजूद 200 से ज्यादा किसान रोजाना चक्कर काट रहे हैं।
सॉफ्टवेयर ठप—किसानों की बढ़ी मुश्किलें
अनेक केंद्रों में सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन ऑपरेटिंग की दिक्कत बनी हुई है।धवलपुर में किसानों ने गड़बड़ी को लेकर हंगामा भी किया।
देवभोग में वारदाना ऑनलाइन गड़बड़ी
देवभोग खरीदी केंद्र में वारदाना की ऑनलाइन एंट्री बंद, जिससे खरीदी प्रक्रिया ठप रही। चिचिया में अधूरी तैयारी—किसानों का तीन दिन से रतजगा चिचिया केंद्र में अधूरी व्यवस्था,ऑनलाइन ऑपरेटिंग में गड़बड़ी के चलते किसान तीन दिन से फड़ में रतजगा कर धान की रखवाली कर रहे हैं।
उरमाल में ऑपरेटर नहीं — खरीदी शुरू ही नहीं
उरमाल खरीदी केंद्र में ऑपरेटर की कमी के कारण धान खरीदी शुरू ही नहीं हो सकी। किसानों के टोकन कट चुके हैं, लेकिन तुलाई न होने से उन्हें बार-बार लौटना पड़ रहा है।
हमालों की रोजी पर संकट
जिन हमालों को खरीदी के लिए अधिकृत किया गया है, काम न मिलने से उनकी रोजी-रोटी पर भी संकट गहराया है।
हड़ताल के बाद वैकल्पिक व्यवस्था फेल?
सहकारी कर्मी और ऑपरेटर की हड़ताल के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था से खरीदी सुचारू करने का दावा किया था, लेकिन जमीनी हालात बता रहे हैं कि धान खरीदी अभी भी पटरी पर नहीं चढ़ पाई है।













