घनी आबादी और व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकान लगाने पर रोक, हर दुकान में अग्निशामक यंत्र और 500 लीटर पानी का ड्रम रखना अनिवार्य
गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
गरियाबंद_ दीपावली पर्व को देखते हुए जिले में पटाखा दुकानों के संचालन और आतिशबाजी के सुरक्षित भंडारण को लेकर प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आगजनी की संभावित घटनाओं को रोकने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पटाखा दुकानदारों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों और अवैध रूप से संचालित पटाखा दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घनी आबादी में नहीं लगेंगी पटाखा दुकानें_
प्रशासन के निर्देशानुसार घनी आबादी और व्यावसायिक क्षेत्रों में पटाखा दुकानें लगाने की अनुमति नहीं होगी। स्थानीय प्रशासन द्वारा चयनित एवं आबंटित स्थानों पर ही दुकानें संचालित की जा सकेंगी। दुकानों का निर्माण कपड़े, बांस, रस्सी, टेंट या अन्य ज्वलनशील सामग्री से नहीं किया जा सकेगा। इसके स्थान पर अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड का उपयोग करना होगा।
दुकानों के बीच 3 मीटर की दूरी अनिवार्य_
सुरक्षा के लिहाज से प्रत्येक पटाखा दुकान के बीच कम से कम 3 मीटर की दूरी रखना जरूरी होगा। दुकानें एक-दूसरे के आमने-सामने भी नहीं बनाई जा सकेंगी। दुकानों से 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। प्रकाश व्यवस्था के लिए तेल के लैंप, गैस लैंप और खुली बिजली बत्ती का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा।
हर दुकान में अग्निशामक यंत्र और पानी का इंतजाम जरूरी_
अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रत्येक दुकान में 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा दुकानों के सामने उचित अंतराल पर 500 लीटर क्षमता के पानी से भरे ड्रम और बाल्टियों की व्यवस्था भी करनी होगी, ताकि आग लगने की स्थिति में तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
बिजली सुरक्षा और पार्किंग पर भी सख्ती_
विद्युत सुरक्षा के लिए तारों के जोड़ खुले नहीं होने चाहिए। प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाना अनिवार्य होगा। दुकानें ट्रांसफार्मर के पास नहीं होनी चाहिए और उनके ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन भी नहीं गुजरनी चाहिए। पटाखा दुकानों के सामने बाइक और कार की पार्किंग पर प्रतिबंध रहेगा।
आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करना होगा_
दुकान परिसर में प्रमुख स्थानों पर अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के संपर्क नंबर प्रदर्शित करने होंगे। साथ ही अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त रास्ता खुला रखना अनिवार्य होगा। जरूरत पड़ने पर दुकान स्थल की सुरक्षा के संबंध में जिला अग्निशमन अधिकारी से अभिमत भी लिया जा सकता है।
प्रशासन का उद्देश्य दीपावली के दौरान पटाखों की दुकानों और भंडारण स्थलों में आगजनी की घटनाओं को रोकना तथा किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है। ऐसे में दुकानदारों को सभी निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

