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गजानंद कश्यप छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क छत्तीसगढ़
गरियाबंद_छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और धमतरी जिले में फैले उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिजर्व को अपने अभिनव और एकीकृत लैंडस्केप सिक्योरिटी मॉडल (Landscape Security Model) के लिए प्रतिष्ठित 5वें नेक्सस ऑफ गुड वार्षिक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। इस राष्ट्रीय सम्मान से एक बार फिर गरियाबंद जिले का नाम देशभर में रोशन हुआ है।
नई दिल्ली में 1 नवंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस पुरस्कार के लिए चयन पूर्व संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अध्यक्ष श्री दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली प्रतिष्ठित जूरी ने किया। इस वर्ष देशभर के 26 व्यक्तियों एवं संस्थाओं को उनके प्रभावशाली, नवाचारपूर्ण और अनुकरणीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है।
परंपरागत वन सुरक्षा से आगे बढ़कर तैयार किया नया मॉडल_
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का यह मॉडल पारंपरिक वन संरक्षण और शिकार विरोधी अभियानों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक, खुफिया सूचनाओं और मैदानी कार्रवाई को एक साथ जोड़ता है। इसके अंतर्गत वन एवं वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई, मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण, अवैध हथियार नेटवर्क का पता लगाना, विस्फोटक सामग्री से वन्यजीवों के शिकार की रोकथाम, अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और अवैध खनन पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
सैटेलाइट, ड्रोन और GIS तकनीक से जंगलों की निगरानी_
इस अभियान में सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन सर्विलांस, GIS मैपिंग, डिजिटल साक्ष्य, खुफिया सूचना तंत्र और विशेष फील्ड ऑपरेशन का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और राज्य पुलिस जैसी एजेंसियों के साथ अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित कर संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल वन्यजीव अपराधों तक कार्रवाई सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
वन विभाग की टीम के सामूहिक प्रयासों को मिला सम्मान_
नेक्सस ऑफ गुड फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी श्री अनिल स्वरूप ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए उप संचालक एवं USTR की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों और मैदानी टीमों के सामूहिक प्रयास, समर्पण और प्रतिबद्धता का सम्मान है।
यह उपलब्धि न केवल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की संस्थागत सफलता है, बल्कि देश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए तकनीक आधारित और समन्वित कार्यप्रणाली का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से वन संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की पहचान और मजबूत हुई है।
